नवादा के राजद विधायक राजबल्लभ प्रसाद पर एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म का आरोप है़ जांच के बाद साक्ष्यों को सही मानते हुए विधायक को गिरफ्तारी का आदेश िदया गया़ लेकिन पुलिस अब तक गिरफ्तार करने में सफल नहीं हो सकी है. हालांकि जगह-जगह छापेमारी की जा रही है.
नवादा : सदरदुष्कर्म की घटना में आरोपित नवादा विधायक राजबल्लभ प्रसाद के पक्ष व विपक्ष में एक ही समय निकाले गये धरना-प्रदर्शन को लेकर समाहरणालय गेट पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील हो गया. रैन बसेरा के समीप महिलाओं ने राजबल्लभ प्रसाद को मामले से बरी करने की मांग को लेकर धरना दे रहे थे, वहीं अांबेडकर पार्क में भाजपा महिला मोर्चा आरोपित विधायक राजबल्लभ प्रसाद को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे.
दोनों का समय एक साथ होने के कारण टकराव की आशंका को देखते हुए समाहरणालय गेट को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था. नगर थाने की पुलिस के अलावे हिसुआ थाने को भी लगाया गया था. क्यूआरटी की टीम को भी लगाया गया था. समाहरणालय गेट को बंद रखा गया. निगरानी रखने के लिए एसडीओ राजेश कुमार व एसडीपीओ संजय कुमार पांडेय खुद मोर्चा संभाल रहे थे. एकबार ऐसा मौका भी आया जब विधायक को गिरफ्तार करो और विधायक को बरी करो नारों के बीच समर्थन पक्ष उग्र हो गये, परंतु एसडीओ राजेश कुमार व इंस्पेक्टर अंजनी कुमार लोगों को संभालते देखे गये. धरना-प्रदर्शन के कारण काफी समय तक जाम की स्थिति बनी रही. पुलिस प्रशासन में दोनों धड़ों द्वारा धरना-प्रदर्शन निकाले जाने को लेकर काफी तनाव का माहौल देखा गया. दोनों धरना प्रदर्शन की समाप्ति के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली. मौके पर हिसुआ थानाध्यक्ष मौजूद थे.
‘सरकार के इशारे पर नहीं किया जा रहा गिरफ्तार’
नवादा सदर . नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म के आरोपी बने नवादा विधायक को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर भाजपा महिला मोरचा ने शहर में प्रदर्शन मार्च निकाला. घटना के 21 दिन बाद भी विधायक की गिरफ्तारी नहीं होने पर भाजपा महिला मोरचा के सदस्यों ने इसे सरकार की नाकामयाबी बताया.
महिला मोरचा के बैनर तले निकाले गये प्रदर्शन में एनडीए घटक दलों के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया तथा कहा कि सरकार के इशारे पर विधायक को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है. सावित्री देवी के नेतृत्व में महिलाओं का जत्था डीएम से मिलकर एक ज्ञापन भी सौंपा. ज्ञापन में कहा गया है कि राजद विधायक राजबल्लभ यादव ने बिहारशरीफ की नाबालिग छात्रा को सुलेखा देवी के माध्यम से बुला कर रातभर दुष्कर्म किया. सुलेखा ने पुलिस को दिये बयान में भी अपनी कारनामे स्वीकार की है. घटना के 30 दिन बीत जाने के बाद भी न तो उन्हें गिरफ्तार किया गया और ना ही उनकी संपत्ति को जब्त किया गया. राजद व जदयू की सरकार ने इस कारनामे पर अपनी चुप्पी साध ली है. लालू प्रसाद की बोलती बंद हो गयी है. ज्ञापन में कहा गया है कि इस घटना के बाद नालंदा व नवादा जिले की महिलाओं में राजबल्लभ प्रसाद के खिलाफ आक्रोश है. लोगों में इस सरकार के बाद भय का माहौल कायम हो गया है. ज्ञापन में कहा गया है कि महिलाओं की भावनाओं का ख्याल करते हुए राजबल्लभ प्रसाद को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए. प्रदर्शन में बासो देवी, नीलम कुमारी, आशा देवी, मीना देवी, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष केदार सिंह, राजेंद्र सिंह, सत्येंद्र कुमार, सतीश कुमार सिन्हा, नवादा विधानसभा से एनडीए प्रत्याशी रहे इंद्रदेव कुशवाहा, दिलीप कुमार सिन्हा आदि शामिल थे.
‘साजिश के तहत फंसाया गया विधायक को’
नवादा सदर . स्थानीय विधायक राजबल्लभ प्रसाद को नाबालिग छात्रा के साथ रेप के मामले में फंसाये जाने को आरोप लगाते हुए महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है. प्रगतिशील महिला मोरचा के बैनर तले सैकड़ों महिलाओं ने शनिवार को समाहरणालय के पास धरना देते हुए दुष्कर्म के मामले में नवादा विधायक राजबल्लभ प्रसाद को बरी किये जाने की मांग कर रहे थे. लोहरपुरा पंचायत की पूर्व मुखिया वीणा देवी की अध्यक्षता में आयोजित धरने में सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया.
धरने को संबोधित करते हुए महिलाओं इसे विरोधियों की साजिश बताया और सीधे तौर पर इसके लिए भाजपा को जिम्मेवार ठहरा रही थी. महिलाओं ने कहा कि भाजपा के सुनियोजित तरीके से विधायक पर रेप की एफआइआर दर्ज करायी गयी है. धरना-प्रदर्शन के दौरान कई बार महिलाओं ने नवादा के सांसद गिरिराज सिंह व पटना के डीआइजी शालिन के खिलाफ भी नारे लगाये. धरना का नेतृत्व कर रही महिला मोरचा की वीणा देवी ने कहा कि नवादा ने शालिन जब एसपी थे उसी दौरान से विधायक राजबल्लभ प्रसाद के खिलाफ थे. साजिश के तहत ही विधायक को रेपकांड में फंसाया गया. धरने में शामिल महिलाओं ने विधायक का नाम मुकदमे से हटाने, साजिश करनेवालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग कर रही थी.
धरने के अंत में पांच महिलाओं का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी को एक पत्र सौंप कर न्याय करने की अपील की. पत्र में कहा गया कि बिहारशरीफ महिला थाना कांड संख्या 15/16 में से विधायक का नाम हटाकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई करने, विधायक के निर्दोष परिजनों पर पुलिसिया जुल्म बंद करने, पूर्वाग्रह से ग्रसित पटना रेंज के डीआइजी शालिन को जांच कार्य से अलग करने, दुष्कर्म की साजिश में शामिल विरोधियों की जांच करने की मांग की गयी है. प्रतिनिधिमंडल में निर्मला देवी, वीणा देवी, बेदामी देवी, रीता राम, बसंती देवी शामिल थी.
