कहा, मां-बाप बूढ़े व्यक्ति से करना चाहते थे शादी
मारपीट से ऊब कर भागी थी घर से
पिता ने कंकड़बाग थाने में दर्ज करायी थी गुमशुदगी की प्राथमिकी
एसपी के निर्देश पर महिला थानाध्यक्ष ने लड़ेेकी को किया परिजनों के हवाले
जहानाबाद : महिला थाने में शुक्रवार को मजमा लगा था. एक लड़की अपने मां-बाप के साथ अपने घर जाना नहीं चाहती थी. उसके मां-बाप उससे काफी आरजू-मिन्नत कर रहे थे. साथ में घर चलने का आग्रह कर रहे थे, लेकिन वह अपनी पसंद के युवक से शादी करने की जिद पर अड़ी थी. अंतत: महिला थानाध्यक्ष कुसुम भारती ने उसे उसके परिजनों को सौंप दिया.
सुनीता कुमारी (काल्पनिक नाम) नामक लड़की पटना के कंकड़बाग थाना क्षेत्र के चांदमारी रोड मुहल्ले की रहनेवाली है. शुक्रवार को थाने में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसके माता-पिता उसे अपने साथ पटना ले गये. दरअसल प्रथम दृष्टया मामला प्रेम प्रसंग का होना बताया जाता है. चांदमारी रोड निवासी एक व्यक्ति ने अपनी पुत्री के गुम हो जाने का मामला कंकड़बाग थाने में गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
मामले ने उस वक्त नाटकीय ढंग से मोड़ ले लिया, जब गुरुवार को लड़की जहानाबाद के एसपी आदित्य कुमार के जनता दरबार में पहुंच गयी. वह अपने साथ एक आवेदन पत्र लिये हुई थी, जिसमें उल्लेख किया गया था कि उसके मां-बाप उसकी शादी एक बूढ़े से कराना चाहते हैं. वह विरोध करती है, तो उसके साथ मारपीट की जाती है. इसी कारण वह घर से भाग गयी और जहानाबाद आ गयी.
एसपी ने लड़की के आवेदन के आलोक में महिला थानाध्यक्ष कुसुम भारती को मामले की तहकीकात कर समुचित कार्रवाई करने की जिम्मेवारी सौंपी. रात भर लड़की को यहां महिला अल्पवास गृह में रख गया. इसकी सूचना उसके माता-पिता को दी गयी. सूचना पाकर लड़की के मां-बाप जहानाबाद महिला थाने में पहुंचे और लड़की के आरोप को सिरे से खारिज किया. पुलिस के समक्ष लड़की अपने मां-बाप को साफ कह रही थी,
वह तभी घर जायेगी जब उसकी शादी उसी लड़के से (मनपसंद) होगी. पुलिस के अनुसार इससे प्रतीत हो रहा है कि लड़की का किसी से प्रेम प्रसंग चल रहा था. तहकीकात में पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि लड़की के प्रेमी का ननिहाल जहानाबाद में है और वह पटना से भाग कर यहां आयी थी. बहरहाल, थाने में काफी जद्दोजहद के बाद लड़की को उसके माता-पिता को सौंपा गया.
