अतिक्रमण के मकड़जाल में फंसा जहानाबाद, लगा रहता है जाम

जहानाबाद : हम ऐसा शहर चाहते हैं, जहां आवागमन सरल हो, साफ-सुथरा हो, भीड़-भाड़ न हो, हर जगह जाने की सुविधा हो और शहरी जीवन आसान हो. शहरीकरण के दौर में लोग सुविधाओं और रोजगार के लिए शहर में बस रहे हैं, लेकिन शहरों का जीवन मुश्किल होता जा रहा है. इस मुश्किल को बढ़ाने […]

जहानाबाद : हम ऐसा शहर चाहते हैं, जहां आवागमन सरल हो, साफ-सुथरा हो, भीड़-भाड़ न हो, हर जगह जाने की सुविधा हो और शहरी जीवन आसान हो. शहरीकरण के दौर में लोग सुविधाओं और रोजगार के लिए शहर में बस रहे हैं, लेकिन शहरों का जीवन मुश्किल होता जा रहा है. इस मुश्किल को बढ़ाने में लोगों का लालच और मानसिकता बड़ा कारण है.

इसी लालच के कारण सरकारी जमीनों पर कब्जा करने की होड़ लगी हुई है. सड़क, गली, तालाब, नदी, पइन, नाला, नहर सब अतिक्रमण के शिकार हो रहे हैं. जहानाबाद शहर में अतिक्रमण की समस्या एक नासुर बन चुकी है.
शहर अतिक्रमण के मकड़जाल में इस कदर फंस चुका है कि अब इस समस्या को दूर करना प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर हो गयी है. अतिक्रमण वह समस्या है, जिसे समय रहते दूर नहीं किया जाये तो फिर धीरे-धीरे बढ़कर शहर के जीवन को बदहाल बना देती है.
बाजार की गलियों में अतिक्रमण से लगा रहता है जाम : शहर से गुजरने वाला एनएच तो अतिक्रमण का शिकार है ही, इससे भी बदहाल स्थिति बाजार की गलियों की है. शहर के मलहचक मोड़ से लेकर बाजार होते हुए हॉस्पिटल मोड़ तक सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण की समस्या है. दुकानदारों ने नालियों के ऊपर पक्का अतिक्रमण कर रखा है. वहीं सामान को दुकान के बाहर सड़क पर कई फुट तक लगा देते हैं.
दोनों ओर अतिक्रमण के कारण सड़क काफी संकरी हो जाती है. ऊपर से ठेले वालों ने कोढ़ में खाज की हालत कर रखी है. ऐसे में राहगीरों और बाइक सवारों को निकलने के लिए जगह नहीं मिलती और जाम लगा रहता है. अगर कहीं से कोई चार पहिया वाहन घुस गया फिर तो काफी देर तक भयंकर जाम लग जाता है.
नदी में बन रहे मकान, सो रहा प्रशासन: शहर से गुजरने वाली दरधा नदी अतिक्रमणकारियों के लिए स्वर्ग है. होरिलगंज से लेकर जाफरगंज और एरोड्राम तक नदी में सैकड़ों कच्चे-पक्के मकान खड़े हो गये हैं, पर आज तक जिला प्रशासन नदी की जमीन नापी करने का आदेश तक नहीं निकाल पाया है.
कब्जा करने वालों का हौसला इतना बुलंद है कि थाना रोड पैदल पार पुल के समीप ठीक नदी में पक्के मकान खड़े हो रहे हैं. लोगों ने कई बार जिला प्रशासन को सूचना दी, पर किसी अधिकारी ने निरीक्षण करना तक मुनासिब नहीं समझा. मकान खड़ा होने का सिलसिला जारी है, पर प्रशासन कुंभकर्णी नींद में है.
पटना-गया रोड हो चुका है अतिक्रमणकारियों का शिकार
शहर के बीचोबीच से गुजरने वाला एनएच 83 पर अतिक्रमण डीएम आवास के पास काको मोड़ से ही शुरू हो जाता है, जो आंबेडकर चौक तक दोनों तरफ देखा जा सकता है. फुटपाथ पर दुकानदारों का कब्जा है, जिन्होंने अपनी दुकानों को आगे तक बढ़ा रखा है. वहीं फुटपाथ के बाद ठेले, खोमचे, रेहड़ी वालों की दुकान सजती हैं. उसके बाद जो जगह बचती है, उस पर अवैध पार्किंग होती है.
जहां दो पहिया और चार पहिया वाहन खड़े रहते हैं. कई जगह रसूखदार दुकानदारों ने रोड के एक हिस्से को दुकान की पार्किंग के लिए अवैध तरीके से डेवलप कर लिया है, पर वह अतिक्रमण जिले के आलाधिकरियों के लिए अदृश्य से हैं. वर्तमान डीएम ने आते ही स्टेशन क्षेत्र में रोड के दोनों तरफ अतिक्रमण को हटवा कर लोगों को राहत दी थी.
लोगों में एक उम्मीद जगी थी, पर कुछ ही दिनों में अतिक्रमणकारी अपनी जगह पर वापस आ गये और इस बार उन्होंने और इस बार उन्होंने इस कदर पांव पसार लिये, मानो जिला प्रशासन को चुनौती दे रहे हों.
आज से चलेगा अभियान
नगर पर्षद क्षेत्र की सभी सड़कों पर अतिक्रमण के कारण शहर में जाम की स्थिति बनी रहती है. वहीं कई बार दुर्घटनाएं भी घट जाती हैं. सड़क किनारे ठेला, गुमटी, खोमचा वालों का अवैध कब्जा रहता है.
डीएम के निर्देश पर सात अगस्त से सभी अवैध दुकानों, गुमटी, खोमचों और गलत ढंग से पार्क किये वाहनों को जब्त करने का अभियान शुरू कर उनके मालिकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जायेगी. नगर पर्षद द्वारा आम सूचना निकालकर अतिक्रमणकारियों को आगाह किया गया है कि अतिक्रमण स्वेच्छा से हटा लें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें.
मुकेश कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पर्षद, जहानाबाद
अतिक्रमण हटाने के लिए बनी थी 11 सदस्यीय समिति
शहर के मुख्य मार्गों को अतिक्रमणमुक्त करने के लिए मार्च में जिलाधिकारी नवीन कुमार ने एसडीओ की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय कमेटी का गठन किया था जिसमें एसडीपीओ प्रभातभूषण श्रीवास्तव, डीटीओ धीरेंद्र कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी नप मुकेश कुमार, सीओ, नगर थानाध्यक्ष, नप के सिटी प्रबंधक के अलावा पथ निर्माण, बिजली व एनएचआइ के कार्यपालक अभियंता थे.
टीम द्वारा अतिक्रमण हटाने का अभियान तो प्रारंभ किया गया था, पर हर बार की तरह यह महज रस्म अदायगी होकर रह गयी. डीएम के निर्देश पर नगर पर्षद फिर से अतिक्रमण विरोधी अभियान बुधवार से प्रारंभ करेगी.

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