जहानाबाद नगर : नवजात शिशु को फेंके नहीं, इसे पालना में रखे, ताकि कानूनी रूप से दत्तक ग्रहण प्रक्रिया के तहत बालक को गोद लिया जा सके. परित्यक्त बच्चों को एक परिवार मिले, इसके लिए जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा सदर अस्पताल में पालना केंद्र खोला गया. अस्पताल के अंदर एक पालना रखा गया, ताकि वैसे माता-पिता जो अपने बच्चों को फेंक देते हैं वे नवजात को फेंके नहीं, बल्कि पालना में रख दे.
ताकि उस बच्चे की परवरिश हो सके. वैसे बच्चों को कानूनी प्रक्रिया के तहत गोद लिया जा सकता है. जिला प्रशासन द्वारा जिले के सभी अस्पतालों एवं मैटरनिटी सेंटरों में पालना घर खेलने की योजना है. इसकी शुरुआत सदर अस्पताल से की गयी. हालांकि पालना में अब तक कोई बच्चा नहीं रखा गया है लेकिन प्रशासन को यह उम्मीद है कि वैसे अभिभावक जो अपने नवजात को फेंक देते हैं वे उसे पालना में रखेंगे. इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ विजय कुमार ने बताया कि अस्पताल परिसर में पालना रखा गया है ताकि वहां परित्यक्त बच्चों को रखा जाये. जैसे ही कोई बच्चा पालना में रखा जायेगा.
इसकी जानकारी बाल संरक्षण इकाई को दिया जायेगा. इकाई द्वारा ही बच्चे की परवरिश की जायेगी तथा उसे कानूनी तरीके से किसी को गोद दिया जायेगा.
