जहानाबाद : पटना-गया रेलखंड में यात्रा करने के दौरान सीतामढ़ी के पुपरी में पदस्थापित सबजज प्रशांत कुमार झा के साथ मारपीट किये जाने का मामला अभी पूरी तरह ठंडा भी नहीं पड़ा कि फिर गया की एक महिला न्यायिक दंडाधिकारी के साथ ट्रेन में बदसलूकी किये जाने का मामला प्रकाश में आया है. घटना बुधवार की दोपहर करीब 1:30 बजे की है. खबर के अनुसार गया व्यवहार न्यायालय में पदस्थापित एक महिला न्यायिक दंडाधिकारी पैसेंजर ट्रेन से गया से पटना जा रही थीं.
वे ट्रेन के इंजन से सटी महिला बोगी में सवार थीं. उस बोगी में कुछ पुरुष यात्री जबरन सवार हो गये. मजिस्ट्रेट ने पुरुष यात्रियों को महिला बोगी में सवार होकर यात्रा करने पर आपत्ति जतायी. बताया जाता है कि इस बात पर पुरुष यात्रियों ने उनके साथ बदसलूकी की और सीट पर चुपचाप बैठे रहने की हिदायत दी. न्यायिक दंडाधिकारी के नाम का पता नहीं चला है. उनके द्वारा जहानाबाद रेल थाने में अभी लिखित शिकायत नहीं दर्ज करायी गयी है. हालांकि इसकी सूचना उन्होंने जहानाबाद व्यवहार न्यायालय के कर्मियों के माध्यम से रेल थाने में दी. थानाध्यक्ष शकुंतला किश्कू और आरपीएफ पोस्ट के इंचार्ज राकेश रंजन सूचना पाकर जहानाबाद प्लेटफाॅर्म नंबर 2 पर तैनात हो गये. पैसेंजर ट्रेन के आने पर रेल पुलिसकर्मियों का दल महिला बोगी में गया और न्यायिक दंडाधिकारी से घटना की जानकारी ली. रेल थानाध्यक्ष ने बताया कि महिला बोगी से पुरुष यात्री पहले ही फरार हो गये थे. यह भी बताया गया है कि अभी किसी तरह की लिखित शिकायत नहीं दर्ज करायी गयी है. मालूम हो कि पटना-गया रेलखंड में 16 अप्रैल की रात पुपरी के सबजज प्रशांत कुमार झा के साथ कुछ रंगरूटों ने सीट पर बैठने को लेकर उक्त सबजज के साथ मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया था.
इस मामले में रेल एसपी अशोक कुमार सिंह की सक्रियता के बाद मारपीट करने के दो आरोपितों मामा-भांजा को वीडियो फुटेज के आधार पर मखदुमपुर थाना क्षेत्र के एक गांव से गिरफ्तार किया गया था. रेल थाने में एफआईआर दर्ज करायी गयी थी. पटना-गया रेलखंड में वर्षों से महिला बोगी में पुरुष यात्री जबरन घुसकर यात्रा करते हैं जो महिलाओं को नागवार गुजरता है. महिला यात्रियों को परेशानी होती है. चेकिंग अभियान में कई लोग पकड़े भी गये हैं साथ ही कई बार हंगामा भी होता है. साथ ही सुरक्षा के लिए भी बहुत जरूरी है. लेकिन सख्ती नहीं बरते जाने के कारण अवैध ढंग से यात्रा करने पर लगाम नहीं लग रहा है.
