जमीन बिक्री के नाम पर दो लाख रुपये हड़पे

दुकानदार ने दर्ज करायी प्राथमिकी, तीन नामजद जहानाबाद : इन दिनों जहानाबाद में जमीन खरीद-बिक्री करने के नाम पर कई गिरोह संचालित हैं. ये वैसे गिरोह हैं जिनके पास जमीन खरीदने या बेचने का कोई लाइसेंस नहीं है. परिणाम यह हो रहा है कि लोग जालसाज गिरोह के शिकार हो रहे हैं. शहर के कोर्ट […]

दुकानदार ने दर्ज करायी प्राथमिकी, तीन नामजद

जहानाबाद : इन दिनों जहानाबाद में जमीन खरीद-बिक्री करने के नाम पर कई गिरोह संचालित हैं. ये वैसे गिरोह हैं जिनके पास जमीन खरीदने या बेचने का कोई लाइसेंस नहीं है. परिणाम यह हो रहा है कि लोग जालसाज गिरोह के शिकार हो रहे हैं. शहर के कोर्ट एरिया काली नगर मोहल्ला निवासी निरंजन साव नामक दुकानदार के साथ जमीन बिक्री के नाम पर जालसाजी करने और दो लाख रुपये हड़प लिए जाने का मामला प्रकाश में आया है. इस सिलसिले में उक्त व्यक्ति ने नगर थाने में तीन नामजद अभियुक्तों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी है. दर्ज एफआइआर में मखदुमपुर थाना क्षेत्र से सेरथुआ टोला बाजार पर के निवासी सोही यादव,
उसके पुत्र नरेश यादव एवं एक अन्य जितेंद्र कुमार को अभियुक्त बनाया गया है. आरोप लगाया है कि गलत खतिहान एवं दूसरे की जमीन दिखा कर और उस पर अपना कब्जा बता कर अभियुक्तों ने जालसाजी की. प्राथमिकी के सूचक उक्त दुकानदार के अनुसार शहर के एलआइसी कार्यालय के नीचे उनकी दुकान है. उसी दुकान पर अभियुक्त आयें और मई-सिवाना के पास अपनी जमीन रहने और उसे बेचने की बात कही. जमीन और उसका खतिहान एवं नया कटा हुआ मालगुजारी रशीद दिखायी और यह भी कहा कि जमीन से संबंधित अन्य कागजात भी है जो रजिस्ट्री के समय दिखाया जायेगा. सूचक के अनुसार उसकी बात पर विश्वास कर सवा छह लाख रुपये प्रति कठ्ठे के हिसाब से जमीन का सौदा तय हुआ था. चार नवंबर 2016 को स्टांप पेपर पर एक लाख रुपये अग्रिम देकर एग्रीमेंट हुआ था.
कुछ दिनों के बाद जरूरी काम बताकर अभियुक्तों ने एक लाख रुपये और लिये जो एग्रीमेंट पेपर पर अंकित किया गया. जब जमीन पर पिलर लगाने की बात हुई तो निर्धारित तिथि को अभियुक्तगण नहीं पहुंचे तब दुकानदार का माथा ठनका. खेत में मवेशी चरा रहे कुछ चरवाहों से उसे पता चला कि यह जमीन सोही यादव की नहीं, बल्कि दूसरे व्यक्ति की है. उन्होंने तहकीकात की तो रेकॉर्ड रूम और राजस्व कर्मचारी से पता चला कि बिक्री वाली जमीन अभियुक्तगण या उसके परिवार की नहीं है, बल्कि श्यामसुंदर शर्मा एवं नरेश शर्मा नामक व्यक्ति की है. इस तरह फर्जी खतिहान और अंचल की रशीद दिखा कर जालसाजी की गयी.
पैसा मांगने पर कर गया इनकार:प्राथमिकी में सूचक ने यह भी उल्लेख किया है कि जब उन्होंने सोही यादव एवं अन्य अभियुक्तों से संपर्क किया और जमीन उनकी नहीं रहने की बात कही तो वे अपनी जमीन रहने की बात बनाते रहे. जब पैसा लौटाने के लिए कहा तो टाल-मटोल कर गये और अंतत: पैसा देने से इनकार कर गये. घर पर जाने पर मारपीट और गाली-गलौज करने पर तैयार हो जाता था. एफआइआर दर्ज कर पुलिस मामले की अनुसंधान शुरू कर दी है. किसी की गिरफ्तारी की अब तक सूचना नहीं है.

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