पटना-गया एनएच 83 किया जाम

आक्रोश. सदर अस्पताल में बच्चे और प्रसूता की मौत पर फूटा गुस्सा पुलिस द्वारा समझाने-बुझाने के बाद शांत हुए परिजन जहानाबाद नगर : नगर थाना क्षेत्र के बभना गांव निवासी मुन्ना मांझी की पत्नी सुनीता देवी (22 वर्ष) ने मंगलवार देर रात करीब ढाई बजे सदर अस्पताल में जुड़वा बच्चे को जन्म दिया. इस दौरान […]

आक्रोश. सदर अस्पताल में बच्चे और प्रसूता की मौत पर फूटा गुस्सा

पुलिस द्वारा समझाने-बुझाने के बाद शांत हुए परिजन
जहानाबाद नगर : नगर थाना क्षेत्र के बभना गांव निवासी मुन्ना मांझी की पत्नी सुनीता देवी (22 वर्ष) ने मंगलवार देर रात करीब ढाई बजे सदर अस्पताल में जुड़वा बच्चे को जन्म दिया. इस दौरान एक बच्चे और प्रसूता की मौत हो गयी. इस घटना से गुस्साएं परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा किया. गुस्साये परिजन बुधवार की अहले सुबह अस्पताल गेट के समीप इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पटना-गया एनएच 83 को जाम कर दिया. जिसके कारण उक्त मुख्य मार्ग पर करीब दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा. नगर थाने की पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया.
जिसके बाद परिजन शव लेकर अपने घर वापस लौटे.
इस घटना के संबंध में बताया जाता है कि बभना निवासी मुन्ना मांझी की पत्नी सुनीता देवी को प्रसव होना था. मंगलवार रात उसे परिजन इलाज के लिए रात्रि दो बजे सदर अस्पताल ले आये. चिकित्सक द्वारा जांच-पड़ताल के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे विशेष इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया. परिजन जब उसे लेकर अस्पताल से पटना जाने लगे तभी अस्पताल के मुख्य द्वार के समीप महिला ने एक बच्चे को जना. परिजन उसे दोबारा अस्पताल में वापस ले आये जहां चिकित्सकों के सहयोग से उसे ऑक्सीजन लगाया गया इसी दौरान एक और बच्चे को जना. इस दौरान पूर्व में जन्मे बच्चे की मौत हो गयी. कुछ देर बाद प्रसूता की भी मौत हो गयी. महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गये और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे. हंगामा कर रहे परिजन सुबह होते ही पटना-गया मुख्य मार्ग पर उतर गये तथा अस्पताल गेट के समीप सड़क जाम कर दिया. परिजन इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए यह बता रहे थे कि अगर उसका इलाज बेहतर ढंग से किया जाता तो उसकी जान बचाया जा सकती थी. परिजनों द्वारा हंगामा किये जाने तथा सड़क जाम किये जाने की जानकारी मिलने पर नगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने -बुझाने में जुट गयी. करीब दो घंटे के प्रयास के बाद परिजन शांत हुए तब जाकर आवागमन सुचारू हो सका. इस संबंध में अस्पताल उपाधीक्षक डॉ ब्रज भूषण प्रसाद ने बताया कि महिला को जब अस्पताल लाया गया था तो उसकी स्थिति काफी खराब थी. ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक डाॅ लीना कुमारी द्वारा उसका चेकअप करने के बाद ही उसे विशेष इलाज के लिए रेफर किया गया था. खून की कमी के कारण महिला को बचाना मुश्किल था.

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