अपनी जायदाद बेचकर बिहार में बसना चाहती हैं जापान की कैंसर पीड़िता, दूतावास से नहीं मिल रही मदद, बोलीं...

जापान की एक बुजुर्ग महिला लंबे समय से बिहार में ही रह रही हैं. अचानक महिला को कैंसर रोग से ग्रसित होने के बारे में पता चला जिसके बाद अब वो जापान सरकार से मदद मांग रही है. महिला अब बिहार के बोधगया में ही अपना जीवन बिताना चाहती हैं.

Bihar News: जापान की एक महिला अब अपने देश में रहने को इच्छुक नहीं है. वो अब भारत में ही रहना चाहती हैं. लंबे समय से बिहार के बोधगया में रह रहीं जापान की महिला को अचानक कैंसर रोग से ग्रसित होने के बारे में पता चला. जिसके बाद वो जापान सरकार से इलाज के लिए भी गुहार लगा रही हैं. लेकिन वहां से कोई मदद नहीं मिल रही है. 80 वर्षीय नोरिको फुरुइए अब बोधगया में ही जीवन बीताना चाहती हैं. वो जापान में अपनी जायदाद बेचकर अब बिहार में रहने की इच्छा जताती हैं.

बोधगया में पिछले 14 वर्षों से रह रहीं महिला

बोधगया में पिछले 14 वर्षों से रह रही जापान के फुकुओका शहर की 80 वर्षीय नोरिको फुरुइए अपनी बीमारी का इलाज कराने के लिए जापान सरकार से मदद की गुहार लगा रही है, जबकि उनके कई पत्राचार के बाद भी जापानी दूतावास ध्यान नहीं दे रहा है. नोरिको को स्थानीय चिकित्सक ने कैंसर से ग्रसित होना बताया है और इसके इलाज के लिए वह जापान सरकार से मदद की गुहार लगा रही है.

जायदाद बेचकर बिहार बसने की इच्छा

नोरिको ने मीडिया को बताया कि वह 2008 से बोधगया में प्रवास पर है. स्थानीय प्रशासन के सहयोग से उनका वीजा 30 मार्च तक वैध है. इस बीच उन्हें गंभीर बीमारी होने का पता चला है. इसके लिए वह जापानी दूतावास को कई पत्र लिख कर मदद की गुहार लगा चुकी है. कोई सहायता नहीं मिल पा रही है. उन्होंने बताया कि वह जापान स्थित अपनी जायदाद को बेच कर बोधगया में ही रहना चाहती है. इसके लिए उन्हें इजाजत की जरूरत है.

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बगैर किसी किराये के पिछले कई वर्षों से रह रहीं

उन्होंने बताया कि वह अपने बेटे की याद में महाबोधि मंदिर परिसर में एक पीपल का पौधा भी लगा चुकी है, जो अब पेड़ बन चुका है. बीटीएमसी कार्यालय परिसर में एक कमरा निर्माण में भी वह दान दिया था. फिलहाल वह तेरगर मोनास्टरी के पास जितेंद्र सिंह के मकान में बगैर किसी किराये के पिछले कई वर्षों से रह रही हैं.

Published By: Thakur Shaktilochan

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