सावन के पावन महीने में द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक को लेकर जमुई जिले के चकाई क्षेत्र के युवाओं की एक कांवर टोली सुलतानगंज के लिए रवाना हुई. युवाओं ने अपनी इस पावन पैदल यात्रा को केवल व्यक्तिगत आस्था तक सीमित न रखकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, सामाजिक शांति और आपसी सद्भाव की कामना से जोड़ा है. सुलतानगंज स्थित उत्तरवाहिनी गंगा तट पर पहुंचकर कांवरियों ने पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और गंगाजल भरकर 'बोल बम' के जयकारों के साथ देवघर के लिए अपनी कठिन पैदल यात्रा शुरू की.
सुलतानगंज से जल उठाकर शुरू की पैदल यात्रा
सुलतानगंज के पवित्र गंगा घाट पर पूजा-अर्चना के बाद कांवरियों ने जलपात्र में गंगाजल भरा और बाबा के जयकारे लगाते हुए देवघर के लिए प्रस्थान किया. कांवरिया करीब सौ किलोमीटर से अधिक की कठिन पैदल यात्रा पूरी कर देवघर पहुंचेंगे, जहां वे बाबा बैद्यनाथ के पवित्र ज्योतिर्लिंग पर गंगाजल अर्पित करेंगे. इसके बाद यह टोली दुमका स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल बाबा बासुकीनाथ धाम के लिए आगे बढ़ेगी, जहां फौजदारी बाबा का जलाभिषेक और विशेष पूजन कर यात्रा का विधिवत समापन किया जाएगा.
सामाजिक समरसता और सकारात्मक सोच का संदेश
यात्रा में शामिल युवाओं ने धार्मिक यात्राओं के व्यापक सामाजिक महत्व पर जोर दिया. कांवरियों ने कहा कि ऐसी पावन यात्राएं सिर्फ व्यक्तिगत आस्था का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह समाज में प्रेम, आपसी भाईचारा और सकारात्मक ऊर्जा के संचार का सशक्त जरिया भी हैं. युवाओं ने बताया कि वे बाबा भोलेनाथ और बाबा बासुकीनाथ से पूरे चकाई क्षेत्र में अमन-चैन, सद्भाव और हर परिवार के कल्याण की प्रार्थना करेंगे. पूरी यात्रा के दौरान धार्मिक अनुशासन, संयम और सेवाभाव का पालन किया जाएगा.
कांवर टोली में शामिल रहे क्षेत्र के युवा
इस समर्पित कांवर यात्रा में चकाई प्रखंड के विभिन्न गांवों के युवाओं की सक्रिय भागीदारी है. दल में मुख्य रूप से गोला चकाई निवासी अभय पासवान, पंडरिया निवासी मनीष कुमार राय, बेजा गांव निवासी पंकज चौधरी, बामदह निवासी अभिषेक कुमार और चकाई बाजार निवासी प्रियम वाजपेय शामिल हैं. युवाओं ने संकल्प दोहराया कि बाबा की कृपा से समाज में एकता, प्रेम और सौहार्द का माहौल निरंतर बना रहे, यही उनकी इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य है.
