गिद्धौर. प्राचीन काली मंदिर में मंगलवार को मां काली की सलौनी पूजा पूरे नियम निष्ठा के साथ विधिवत संपन्न हो गयी. बताते चलें कि लगभग तीन सौ वर्ष पूर्व इस काली मंदिर का निर्माण गिद्धौर राज रियासत ने करवाया था. तब से लेकर आज तक मां काली के मंदिर में विधिवत रूप से श्रावण मास में सलौनी पूजा कराने की यहां परंपरा चली आ रही है. इस वर्ष भी पतसंडा गांव सहित प्रखंड भर के श्रद्धालुओं ने श्रावण मास के उपलक्ष्य पर मां काली की सलौनी पूजा की एवं मां काली से पूजा-अर्चना कर अपने परिजनों के सुख-समृद्धि की कामना कर मन्नते भी मांगी. जिन भक्तों की मन्नतें पतसंडा की मां काली ने पूर्ण की उन्होंने मां काली को पाठे की परंपरा अनुरूप बली भी चढ़ायी. मंगलवार की दोपहर से ही मां काली की पूजा-अर्चना करने के लिए भक्त मंदिर परिसर में आते जाते देखे गए. सलौनी पूजा को विद्वान पंडित सुमन पांडेय, उमाशंकर पांडेय, राजेश पांडेय, रोहित पांडेय, रोहित पांडेय, अमन पांडेय, बालमुकुंद झा द्वारा संपन्न कराया गया, पूजा की विधि व्यवस्था एवं प्रसाद वितरण का कार्य तैयारी समिति के राजीव सिंह चौहान, श्यामली राय, अमित चौहान गुड्डन, आयुष चौहान, मोनू कुमार, कुणाल चौहान, निहाल चौहान, मनोज सिंह मानी, कपिल साव, रोहित यादव द्वारा किया जा रहा था.
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