गिद्धौर (जमुई). प्रखंड क्षेत्र की कोल्हुआ पंचायत अंतर्गत कुमरडीह गांव के वार्ड नंबर पांच में सरकारी उदासीनता की एक बड़ी तस्वीर सामने आई है. मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत बनी जलमीनार ग्रामीणों को प्यास बुझाने के बजाय खुद अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है. पिछले दो वर्षों से जलमीनार की टंकी क्षतिग्रस्त पड़ी है, जिसके कारण पूरा वार्ड भीषण पेयजल संकट से जूझ रहा है.
बर्बाद हो रहा पानी, खतरे में जलमीनार का स्ट्रक्चर
ग्रामीणों का कहना है कि टंकी टूटी होने के कारण मोटर चलाने पर पानी ऊपर टिकने के बजाय तेजी से बाहर बह जाता है. इससे न केवल प्रतिदिन हजारों लीटर पानी की बर्बादी हो रही है, बल्कि लगातार रिसाव के कारण जलमीनार का लोहे का स्ट्रक्चर भी जंग खाकर कमजोर हो रहा है. स्थानीय लोगों को डर है कि कहीं किसी दिन यह ढांचा धराशायी न हो जाए.
एक हजार की आबादी प्यासी, भटकने को मजबूर
करीब एक हजार की आबादी वाले इस वार्ड के लोग शुद्ध पेयजल के लिए दर-दर भटकने को विवश हैं. ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि:
- कई बार स्थानीय प्रतिनिधियों और अधिकारियों को सूचना दी गई, लेकिन समाधान सिफर रहा.
- नल-जल योजना का लाभ मिलने के बजाय घरों के आगे लगे नल सूखे पड़े हैं.
- ग्रामीण अब निजी चापाकलों या दूर-दराज के स्रोतों से पानी ढोने को मजबूर हैं.
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीण आशीष कुमार, धनेश्वर मालाकार, विकास कुमार मिश्रा, बहादुर यादव और निरंजन मालाकार समेत अन्य लोगों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ गहरी नाराजगी जताई है. ग्रामीणों ने दोटूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही टंकी की मरम्मत कर पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे प्रखंड कार्यालय का घेराव कर धरना-प्रदर्शन करेंगे.
क्या कहते हैं अधिकारी
इस संबंध में पूछे जाने पर बीपीआरओ गौरव कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है. ग्रामीणों से विधिवत आवेदन प्राप्त होते ही उसे आवश्यक कार्रवाई और मरम्मत के लिए पीएचईडी (PHED) विभाग को अग्रसारित कर दिया जाएगा, ताकि समस्या का जल्द समाधान हो सके.
