Jamui: जमुई. अलीगंज प्रखंड की सहोड़ा पंचायत स्थित धनामा गांव में लघु सिंचाई विभाग द्वारा तालाब की खुदाई का कार्य विवादों में घिर गया है. ग्रामीणों ने इस परियोजना में भारी अनियमितता और अतिक्रमण की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी (DM) और लघु सिंचाई मंत्री से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है.
बिना मापी शुरू हुआ कार्य, ग्रामीणों में आक्रोश
ग्रामीणों का मुख्य आरोप है कि तालाब की कीमती जमीन पर चारों ओर से अवैध कब्जा कर लिया गया है. इसके बावजूद, बिना किसी आधिकारिक मापी या अतिक्रमण हटाए ही संवेदक (ठेकेदार) द्वारा खुदाई का काम शुरू कर दिया गया है. ग्रामीणों के अनुसार, संवेदक विभागीय प्राक्कलन (Estimates) को ताक पर रखकर मनमाने ढंग से कार्य करवा रहा है.
अतिक्रमण से छोटा हुआ तालाब का स्वरूप
अंजनी कुमार, मदन महतो, कालेश्वर महतो और राजकिशोर प्रसाद समेत दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि राजस्व रिकॉर्ड में तालाब की लंबाई और चौड़ाई काफी अधिक है. लेकिन अतिक्रमण होने के कारण इसका वास्तविक स्वरूप छोटा हो गया है. ग्रामीणों की मांग है कि:
- पहले सरकारी अमीन से तालाब की भूमि की मापी कराई जाए.
- चिन्हित अतिक्रमण को पूरी तरह हटाया जाए.
- उसके बाद ही विभागीय मानक और डिजाइन के अनुसार खुदाई सुनिश्चित हो.
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आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया और अवैध कब्जे को बरकरार रखते हुए खुदाई जारी रही, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे. ग्रामीणों का कहना है कि यह सार्वजनिक संपत्ति है और इसके वास्तविक स्वरूप से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
इस मामले में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से हस्ताक्षरित आवेदन जिला प्रशासन और संबंधित विभाग को भेजकर अविलंब जांच और कार्रवाई की मांग की है.
