झाझा. नगर परिषद क्षेत्र के तमाम कूड़े कचरे को उलाय नदी के वासंती दुर्गा चैती घाट के आसपास निस्तारण किया जाता है. इसका विरोध शुक्रवार को ग्रामीणों ने किया. साथ ही शहर का कचरा लेकर आए गाड़ी को लौटा दिया गया. पूर्व पार्षद शशिकांत झा, टीपू झा, कपिल झा, छेदी माधुरी, सुशील झा, मनीष झा, नेपाली बरनवाल, रितिक रावत समेत दर्जनों लोगों ने बताया कि यह एक पवित्र जगह है. यहां कई देवी -देवताओं के मंदिर बना हुआ है. प्रतिदिन हजारों लोग सुबह- शाम पूजा करने के लिए इस स्थान पर आते हैं. साथ ही पूरे बिहार का अत्यधिक महत्वपूर्ण छठ घाट भी इसी जगह पर होता है. लेकिन नगर परिषद का पूरा कचरा इसी जगह पर फेंक दी जाती है. इस कारण न सिर्फ प्रदूषण फैलते हैं. बल्कि गंदगी का अंबार लग गया है. ग्रामीणों ने बताया कि कई बार हमलोगों ने प्रखंड स्तर से लेकर जिला स्तर तक के अधिकारियों को आवेदन दिया है. लेकिन अब तक इसका उपाय नहीं हुआ है. अब किसी भी हाल में इस जगह पर नगर परिषद का कचरा फेंकने नहीं दी जाएगी. इसे लेकर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी डॉ जनार्दन प्रसाद वर्मा ने बताया कि कचरा फेंकने के लिए वैकल्पिक जमीन की व्यवस्था की जा रही है. इसके लिए हमलोगों ने जिलाधिकारी को भी पत्र लिखा है. फिलहाल अंचलाधिकारियों का हड़ताल चल रहा है. जैसे ही उनलोगों का हड़ताल समाप्त हो जाएगा. एक निश्चित जगह को चिन्हित किया जाएगा और वहीं पर शहर का पूरा कचरा का निस्तारण किया जाएगा.
उलाय नदी घाट के पास शहर का कूड़ा फेंकने पर ग्रामीणों ने किया विरोध
नगर परिषद क्षेत्र के तमाम कूड़े कचरे को उलाय नदी के वासंती दुर्गा चैती घाट के आसपास निस्तारण किया जाता है.
