जमुई : सरकार किसानों को निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराने का दावा कर रही है, लेकिन गिद्धौर प्रखंड में यूरिया की किल्लत के बीच कथित कालाबाजारी की शिकायत सामने आ रही है. सरकारी स्तर पर यूरिया की निर्धारित कीमत 267 रुपये प्रति बोरी है, जबकि किसानों का आरोप है कि प्रखंड के कई बाजारों और चौक-चौराहों पर एक बोरी के लिए 330 से 360 रुपये तक वसूले जा रहे हैं.
इस तरह किसानों को सरकारी दर से 60 से 90 रुपये तक अधिक भुगतान करना पड़ रहा है. फसल के समय यूरिया की जरूरत बढ़ने के कारण किसान मजबूरी में अधिक कीमत देकर खाद खरीद रहे हैं.
कई इलाकों में 330 से 360 रुपये तक कीमत
किसानों के अनुसार गिद्धौर बाजार, गुगुलडीह, गंगरा, पतसंडा, रतनपुर, मौरा और सेवा समेत कई इलाकों में यूरिया निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बेची जा रही है. किसानों का आरोप है कि कृषि विभाग के निर्देश के बावजूद कुछ लाइसेंसी दुकानदार मनमानी कीमत वसूल रहे हैं.
कहां कितने में बिक रहा यूरिया
| स्थान | किसानों के अनुसार कीमत |
| पतसंडा | ₹330 से ₹340 |
| रतनपुर | ₹360 |
| मौरा | ₹330 |
| गुगुलडीह | ₹360 |
| सेवा | ₹340 |
| गंगरा | ₹340 |
किसान बोला- फसल बचाने के लिए ज्यादा पैसे देना मजबूरी
धमना गांव के किसान दीपक कुमार ने बताया कि शुक्रवार को गंगरा में इफको यूरिया की एक बोरी के लिए उन्हें 330 रुपये देने पड़े. उनका कहना है कि फसल के समय खाद की जरूरत अधिक है, इसलिए निर्धारित दर से ज्यादा भुगतान करने के बावजूद यूरिया खरीदना मजबूरी है.
विकास कुमार, आनंदी मंडल, बेनी यादव, रंजीत यादव, दिनेश यादव, गुलेश्वर यादव, मनोज मंडल और कार्तिक मंडल समेत कई किसानों ने भी निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूले जाने की शिकायत की है.
किसानों की परेशानी के मुख्य बिंदु
सरकारी कीमत : ₹267 प्रति बोरी. कथित बिक्री कीमत : ₹330 से ₹360 प्रति बोरी. अतिरिक्त वसूली : ₹60 से ₹90 तक. प्रभावित क्षेत्र : गिद्धौर बाजार, गुगुलडीह, गंगरा, पतसंडा, रतनपुर, मौरा और सेवा. किसानों की मांग : जांच कर निर्धारित दर पर यूरिया उपलब्ध कराया जाए.
जांच के बाद होगी कार्रवाई
मामले में प्रखंड कृषि पदाधिकारी रामाधार चौधरी ने बताया कि निर्धारित दर से अधिक कीमत पर यूरिया बेचे जाने की शिकायतों की जांच की जाएगी. जांच में आरोप सही पाये जाने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
उन्होंने कहा कि किसानों को सरकारी निर्धारित दर पर ही खाद उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. अब किसानों की नजर विभाग की जांच और कार्रवाई पर है.
