गिद्धौर, जमुई से कुमार सौरभ की रिपोर्ट: क्षेत्र के मेधावी छात्र-छात्राओं के उत्साहवर्धन और उन्हें सम्मानित करने की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आगामी 10 मई को गिद्धौर में ‘तृतीय प्रतिभा सम्मान समारोह’ का भव्य आयोजन होने जा रहा है. यह समारोह स्वर्गीय राजेश्वरी प्रसाद सिंह (अधिवक्ता) की पुण्य स्मृति में आयोजित किया जा रहा है. कार्यक्रम को लेकर पूरे प्रखंड के शैक्षणिक और सामाजिक गलियारों में भारी उत्साह देखा जा रहा है.
दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. आशुतोष तिवारी करेंगे शिरकत
आयोजन समिति ने जानकारी दी है कि इस वर्ष समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. आशुतोष तिवारी शिरकत करेंगे. डॉ. तिवारी दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर होने के साथ-साथ भारतीय शिक्षण मंडल, दिल्ली प्रांत के सह मंत्री भी हैं. उनके आगमन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. कार्यक्रम का आयोजन गिद्धौर स्थित विनोबा भावे पब्लिक स्कूल के परिसर में किया जाएगा, जहां प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मंच प्रदान कर पुरस्कृत किया जाएगा.
वर्चुअल बैठक में बनी सफलता की रणनीति
समारोह की सफलता को लेकर हाल ही में एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक आयोजित की गई. इसमें आयोजक उत्तम कुमार, संयोजक आशीष कुमार पांडेय, मार्गदर्शक मंडल के वरिष्ठ सदस्य व गंगरा गांव के बुद्धिजीवी सीजेएम मनोरंजन कुमार, प्रो. भवेश चंद्र पांडेय तथा अभय कुमार पांडेय सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए. बैठक में अतिथियों के स्वागत से लेकर सांस्कृतिक व ज्ञानवर्धक गतिविधियों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई.
मंदिर पुस्तकालय को भेंट किए जाएंगे महाभारत के छह खंड
इस वर्ष का आयोजन केवल सम्मान तक सीमित नहीं है, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक योगदान की कड़ी में महाभारत के संपूर्ण छह खंडों को बाबा कोकिलचंद मंदिर के पुस्तकालय में अर्पित किया जाएगा. उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष इसी समारोह में मुख्य अतिथि प्रो. खेमचंद अरोड़ा द्वारा चारों वेद मंदिर पुस्तकालय को भेंट किए गए थे.
“मेरे दादा जी स्वर्गीय राजेश्वरी प्रसाद सिंह की स्मृति में यह आयोजन पिछले दो वर्षों से किया जा रहा है. इसका एकमात्र उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को पहचान दिलाना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है.” — उत्तम कुमार, आयोजक
संयोजक आशीष कुमार पांडेय ने बताया कि मुख्य अतिथि से विचार-विमर्श कर कार्यक्रम को अंतिम रूप दे दिया गया है. इस समारोह से न केवल मेधावी बच्चों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति एक सकारात्मक और जागरूक माहौल तैयार होगा.
