जमुई. कस्तूरबा विद्यालय जमुई परिसर में गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 76 छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने को लेकर ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) का टीका लगाया गया. सिविल सर्जन डॉ अमृत किशोर ने बताया कि विभाग की ओर से अभी ज़िले को 240 डोज एचपीवी का वैक्सीन दिया गया था. इसमें 11 फरवरी को कस्तूरबा विद्यालय की 40 बच्चियों का टीकाकरण किया गया जा चुका है. गुरुवार को कस्तूरबा विद्यालय जमुई की 76 छात्राओं को टीका लगाया गया है. उन्होंने बताया कि इसी प्रकार टीकाकरण का कार्यक्रम आगे बढ़ता जायेगा और जिले में 09 से 14 आयु की जितनी भी बच्चियां हैं उनकाे टीका लगाया जायेगा. उन्होंने बताया कि सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) है. इस वायरस के संक्रमण से महिलाओं में यह कैंसर का रूप ले सकता है. हालांकि सर्वाइकल कैंसर से बचाव संभव है. इसके लिए एक प्रभावी वैक्सिन एचपीवी उपलब्ध है. बताते चलें कि एचपीवी वैक्सीन कैंसर से 98 प्रतिशत तक बचाव कर सकती है और यह विशेष रूप से 09 से 14 साल की बालिकाओं पर प्रभावी रहती है. क्योंकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की बेटियों को कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचाने और सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एक सार्थक पहल की है.
तीन चरणों में चलेगा टीकाकरण
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अरविंद कुमार ने कहा कि जिले में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए 9 से 14 आयु वर्ष की बालिकाओं को एचपीवी का टीका दिया जा रहा है. यह टीका पूर्ण रूप से नि:शुल्क है. प्रथम चरण में सरकारी विद्यालयों के बच्चियों को, दूसरे चरण में जिले के निजी विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाली 09 से 14 आयु वर्ग की बालिकाओं और तीसरे चरण में वैसी बालिकाओं को टीका दिया जायेगा जो किसी कारणवश स्कूल या कॉलेज नहीं जाती है और घर पर विभिन्न प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करती है. इस अवसर पर डीपीएम पवन कुमार, यूनिसेफ से अभिमन्यु कुमार, डब्लूएचओ से गोबिंद कुमार, पंकज कुमार, एएनएम सोनाली कुमारी सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे.
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