दो वर्षों से कन्या विद्यालय भवनविहीन, गांव की बेटियों का भविष्य संकट में

चकाई अंतर्गत ग्राम नावाडीह स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय (कन्या) बीते दो वर्षों से भवनविहीन है.

जमुई . चकाई अंतर्गत ग्राम नावाडीह स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय (कन्या) बीते दो वर्षों से भवनविहीन है. जर्जर घोषित किये जाने के बाद विद्यालय भवन को तोड़ दिया गया था, लेकिन अब तक नये भवन का निर्माण नहीं हो सका है. इसको लेकर बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ गोपगुट के जिलाध्यक्ष डीसी रजक ने शिक्षा विभाग पर गंभीर उदासीनता का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि भवन नहीं होने के कारण विद्यालय को गांव से करीब दो किलोमीटर दूर उत्क्रमित मध्य विद्यालय, प्रखंड हटा में स्थानांतरित कर दिया गया है. इतनी दूरी तय करना ग्रामीण क्षेत्र के छोटे बच्चों, विशेषकर बालिकाओं के लिए काफी कठिन और असुरक्षित है. इसका परिणाम यह हुआ है कि कई छात्र-छात्राएं विद्यालय जाना छोड़ चुके हैं. ग्रामीणों का साफ कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है. ज़मीनी स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं होने से शिक्षा के अधिकार कानून और बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ जैसे सरकारी अभियानों की सार्थकता पर सवाल खड़े हो रहे हैं. स्थानीय लोगों ने बताया कि जिन बच्चों के हाथों में किताब और कॉपी होनी चाहिए, वह मजबूरी में घर पर बैठने को विवश हैं. यदि शीघ्र विद्यालय भवन का पुनर्निर्माण नहीं कराया गया, तो आने वाले समय में गांव की एक पूरी पीढ़ी शिक्षा से वंचित हो सकती है. समस्त ग्रामीण जनता ने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, समग्र शिक्षा अभियान से अविलंब हस्तक्षेप कर उत्क्रमित मध्य विद्यालय (कन्या) नावाडीह के भवन निर्माण कार्य को जल्द शुरू कराने की मांग की है. ग्रामीणों ने कहा कि इस दिशा शीघ्र कार्रवाई नहीं होती है तो हमलोग आंदोलन करने को बाध्य हो जायेंगे.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

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