गिद्धौर : बिहार विशिष्ट अध्यापक प्रधान शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने गुरुवार की देर रात करीब 10 बजे सचिवालय में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी से शिष्टाचार मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने प्रदेश के लाखों शिक्षकों के हक और अधिकार से जुड़े मुद्दों को लेकर मांग पत्र सौंपा.
संघ की ओर से राज्य के विशिष्ट शिक्षकों, विद्यालय अध्यापकों, प्रधान शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों और पुस्तकालयाध्यक्षों को सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा के अनुरूप वास्तविक फिटमेंट मैट्रिक्स और पूर्ण वेतनमान का लाभ अविलंब देने की मांग की गयी.
राज्यकर्मी का दर्जा मिलने के बाद भी अलग पे-मैट्रिक्स पर सवाल
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्यकर्मी का दर्जा मिलने के बावजूद शिक्षकों के लिए अलग और कमतर पे-मैट्रिक्स निर्धारित किया जाना विसंगतिपूर्ण है. उनका कहना है कि शिक्षकों को भी सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा के अनुरूप पूर्ण वेतनमान का लाभ मिलना चाहिए.
उन्होंने कहा कि वेतनमान में अंतर का सीधा असर प्रदेश के लाखों शिक्षकों के आर्थिक हितों पर पड़ता है. इसलिए सरकार को इस विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए शिक्षकों की मांग का समाधान करना चाहिए.
डिजिटल अभियान का भी किया जिक्र
शिक्षक संघ की ओर से हाल में चलाये गये डिजिटल अभियान का भी शिक्षा मंत्री के समक्ष उल्लेख किया गया. प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार इस अभियान को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर व्यापक समर्थन मिला.
संघ का कहना है कि अभियान के माध्यम से शिक्षकों की वेतनमान संबंधी मांग को व्यापक स्तर पर उठाया गया और इससे शिक्षकों के बीच इस मुद्दे को लेकर समर्थन सामने आया.
शिक्षा मंत्री ने दिया सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन
प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षक समाज की मांगों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना. उन्होंने इस दिशा में सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया.
शिक्षक संघ ने उम्मीद जतायी कि सरकार शिक्षकों के वेतनमान और पे-मैट्रिक्स से जुड़ी मांगों पर जल्द निर्णय लेगी और सातवें वेतन आयोग के अनुरूप पूर्ण वेतनमान का लाभ देने की दिशा में आवश्यक कदम उठायेगी.
शिक्षकों की प्रमुख मांगें
मांग : सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा के अनुरूप पूर्ण वेतनमान. मुख्य मुद्दा : वास्तविक फिटमेंट मैट्रिक्स लागू करना. लाभार्थी : विशिष्ट शिक्षक, विद्यालय अध्यापक, प्रधान शिक्षक, प्रधानाध्यापक और पुस्तकालयाध्यक्ष. संघ की आपत्ति : अलग और कमतर पे-मैट्रिक्स. सरकार का रुख : शिक्षा मंत्री ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया.
