कटका मुसहरी में दम तोड़ रही नल-जल योजना, दूषित नदी का पानी पीने को मजबूर ग्रामीण

जमुई के बरहट प्रखंड अंतर्गत कटका मुसहरी में पिछले एक महीने से नल-जल योजना ठप होने के कारण ग्रामीण नदी का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं. विभागीय लापरवाही से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद पीएचईडी विभाग ने दो दिनों के भीतर आपूर्ति बहाल करने का भरोसा दिलाया है.

जमुई बरहट से शशिलाल की रिपोर्ट: सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल-जल योजना बरहट प्रखंड के नुमर पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या सात स्थित महादलित टोला कटका मुसहरी में पूरी तरह विफल साबित हो रही है. लाखों रुपये की लागत से बनी यह योजना अब केवल दिखावे की वस्तु बनकर रह गई है. पिछले एक महीने से जलापूर्ति ठप होने के कारण करीब 1000 की आबादी वाला मांझी समुदाय इस भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहा है. विभाग की इस अनदेखी के खिलाफ सोमवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने पानी टंकी के पास जमकर विरोध प्रदर्शन किया.

आंजन नदी का दूषित पानी पीने की मजबूरी

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण मनोज मांझी, उपेंद्र मांझी, रंजू देवी और अनीता देवी ने बताया कि मुख्य सप्लाई पाइप बीच से फट गया है, जिसे ठीक करने की सुध न तो स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने ली और न ही विभाग ने. हालात इतने खराब हैं कि ग्रामीण अपनी प्यास बुझाने के लिए गांव के पास बहने वाली आंजन नदी का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं. गांव के गिने-चुने निजी चापाकल मालिकों के पास जाने पर लोगों को अपमानित होना पड़ता है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है.

बेटी की शादी में बारातियों को नहीं मिला पानी

पानी की इस किल्लत ने मांगलिक कार्यों में भी बाधा डाल दी है. कटका मुसहरी निवासी बड़ी देवी ने बताया कि 7 तारीख को उनकी बेटी की शादी थी, लेकिन गांव में पानी न होने के कारण भारी फजीहत झेलनी पड़ी. बारातियों के स्वागत से लेकर खाना बनाने तक के लिए पानी का संकट बना रहा, जिससे मेहमानों के सामने परिवार को शर्मिंदगी उठानी पड़ी.

चमचमाती टंकी के पीछे की बदहाल हकीकत

ग्रामीणों का आरोप है कि नल-जल योजना का स्ट्रक्चर भले ही चमचमाता नजर आए, लेकिन जमीनी स्तर पर पाइप क्षतिग्रस्त हैं और अधिकांश स्टैंड पोस्ट से नल गायब हो चुके हैं. ऊंचाई पर बसे घरों तक तो कभी पानी पहुंचता ही नहीं है. ग्रामीणों ने बताया कि कई बार शिकायतों के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है.

दो दिन में सुधार का आश्वासन

मामले को लेकर पीएचईडी के कनीय अभियंता मशरूर आलम ने अपनी अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें या संचालक को इस खराबी की जानकारी नहीं थी. उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर एक से दो दिनों के भीतर पाइप की मरम्मत करा दी जाएगी और जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी.

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By Divyanshu Prashant

Divyanshu Prashant is a contributor at Prabhat Khabar.

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