झाझा, जमुई से ऋताम्बर सिंह की रिपोर्ट: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) झाझा इकाई ने सोमवार को डीएसएम कॉलेज की शैक्षणिक और प्रशासनिक बदहाली को लेकर मुंगेर विश्वविद्यालय के कुलपति को एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा. परिषद ने महाविद्यालय में व्याप्त समस्याओं पर गहरी चिंता जताते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा.
30 किलोमीटर के दायरे का इकलौता कॉलेज, पर सुविधाओं का अभाव
अभाविप कार्यकर्ताओं ने कुलपति को अवगत कराया कि झाझा क्षेत्र के लगभग 30 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले हजारों छात्र-छात्राओं के लिए डीएसएम कॉलेज ही उच्च शिक्षा का एकमात्र सहारा है. इसके बावजूद, यहां मूलभूत सुविधाओं और शिक्षकों की भारी कमी है. छात्रों का आरोप है कि पूर्व में कई बार स्थानीय प्रशासन को सूचित किया गया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है.
नियमित कक्षाएं नहीं होने से छात्रों का भविष्य अधर में
मौके पर अभाविप प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हरिनंदन प्रजापति ने कहा कि कॉलेज की वर्तमान स्थिति चिंताजनक है. वहीं, नगर सहमंत्री अमरेंद्र कुशवाहा ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि महाविद्यालय में न तो नियमित कक्षाएं चल रही हैं और न ही छात्रों के लिए बुनियादी जरूरतें पूरी की जा रही हैं. उन्होंने इसे छात्रों के अधिकारों का सीधा हनन बताया और अविलंब शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की.
समाधान न होने पर दी आंदोलन की चेतावनी
परिषद ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि प्रशासन की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यदि ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होती है, तो विद्यार्थी परिषद छात्रहित में चरणबद्ध तरीके से बड़ा आंदोलन शुरू करेगी. इस अवसर पर नगर कोषाध्यक्ष राजीव शर्मा, आलोक नाथ, संतोष कुशवाहा, विवेक कुमार, उत्तम कुमार, मनीष कुमार सहित संगठन के कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे.
