क्षेत्र में गुरुवार और शुक्रवार को बिजली की स्थिति बेहद बदतर रही. दिनभर बत्ती गुल रहने के कारण न सिर्फ लोगों के घरों के जरूरी काम ठप पड़ गए, बल्कि रात में घंटों बिजली कटने से लोगों की नींद तक पूरी नहीं हो पा रही है. इस अनियमित बिजली आपूर्ति का सीधा असर अब पेयजल और कृषि कार्य पर भी दिखने लगा है, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं.
गुरुवार शाम से शुरू हुआ संकट, शुक्रवार को भी जारी रही ट्रिपिंग
स्थानीय उपभोक्ताओं के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से बिजली की लुकाछिपी का खेल चरम पर है. गुरुवार की शाम से अचानक बाधित हुई बिजली देर रात जाकर बहाल हो सकी. इसके बाद:
- घंटों गायब रही बिजली: शुक्रवार की सुबह कुछ समय तक आपूर्ति सामान्य रहने के बाद करीब 11:00 बजे बिजली फिर से गुल हो गई, जो देर शाम तक रुक-रुक कर आती-जाती रही.
- बार-बार ट्रिपिंग: शुक्रवार को दिन में यदि कभी कुछ मिनटों के लिए बिजली आई भी, तो तुरंत फॉल्ट या ट्रिपिंग के कारण दोबारा कट गई.
- भेदभावपूर्ण आपूर्ति: ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कभी एक मोहल्ले में बिजली आती है, तो ठीक उसी समय दूसरे मोहल्ले की बत्ती पूरी तरह गुल कर दी जाती है.
लो-वोल्टेज और पेयजल संकट से बढ़ीं मुश्किलें, धान की रोपनी प्रभावित
बिजली की बेपटरी चाल के कारण क्षेत्र में अब कई दोहरी समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं:
- पेयजल संकट: घरों में लगी पानी की मोटर (पंप) न चल पाने के कारण पीने के पानी और दैनिक उपयोग के पानी के लिए हाहाकार मच गया है.
- खेती पर आफत: ग्रामीण क्षेत्र के किसानों का कहना है कि वर्तमान में धान की खेती का मुख्य सीजन है. बिजली न मिलने के कारण खेतों की पटवन (सिंचाई) पूरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे धान की फसल पर संकट गहराने लगा है.
- लो-वोल्टेज की मार: बिजली आने पर भी वोल्टेज इतना कम रहता है कि न तो पंखे चलते हैं और न ही कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण काम कर पाता है. उमस के कारण बच्चों की पढ़ाई और बुजुर्गों का स्वास्थ्य सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है.
कहते हैं कनीय विद्युत अभियंता (JE)
सोनो क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती, लो-वोल्टेज की समस्या और उपभोक्ताओं के बढ़ते गुस्से को लेकर जब विद्युत विभाग के स्थानीय अधिकारी से बात की गई, तो उन्होंने तकनीकी कारणों का हवाला दिया:
"गुरुवार और शुक्रवार को क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित होने का मुख्य कारण 33 हजार वोल्ट (33 KV) की मुख्य ट्रांसमिशन लाइन में कुछ आवश्यक मरम्मत और तकनीकी कार्य का चलना था. इसके अलावा, बरसात के मौसम में तेज हवा चलने या आकाशीय बिजली के कारण भी सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से ग्रिड से ट्रिपिंग कराई जाती है, जिससे विभिन्न कारणों से थोड़ी परेशानी उत्पन्न होती है. तकनीकी गड़बड़ियों को दूर कर लिया गया है और जल्द ही पूरे सोनो क्षेत्र में नियमित व निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी." — प्रीतम राज, कनीय विद्युत अभियंता (JE, सोनो)
बिजली विभाग के इस आश्वासन के बाद अब स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही इस उमस भरी गर्मी और पानी की किल्लत से निजात मिल सकेगी.
