जमुई जिले के राजकीय डिग्री महाविद्यालय इस्लामनगर अलीगंज में उच्च शिक्षा की व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है. बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग द्वारा विभिन्न विषयों में नियुक्त छह नए सहायक प्राध्यापकों ने महाविद्यालय में अपना योगदान दे दिया है. इन नवनियुक्त शिक्षकों के आने से महाविद्यालय में पठन-पाठन की गतिविधियों को और अधिक सुचारू बनाने तथा शैक्षणिक व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है.
मुंगेर विश्वविद्यालय में काउंसलिंग के बाद दिया योगदान
नए शिक्षकों के आगमन को लेकर राजकीय डिग्री महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गौरी शंकर पासवान ने विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग की अनुशंसा के बाद इन सभी नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों ने मुंगेर विश्वविद्यालय में अपनी काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी की. इसके उपरांत सभी शिक्षकों ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव कार्यालय में अपना योगदान दिया और वहां से कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इस्लामनगर अलीगंज स्थित महाविद्यालय में विधिवत रूप से अपनी सेवा प्रारंभ कर दी है.
अर्थशास्त्र से लेकर इतिहास विभाग तक में हुई नियुक्ति
महाविद्यालय में कला संकाय के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में इन शिक्षकों ने अपना कार्यभार संभाला है, जिससे लंबे समय से चली आ रही शिक्षकों की कमी दूर हुई है. योगदान करने वाले नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों में अर्थशास्त्र विभाग से कामेश्वर कुमार और श्रेय शेखर शामिल हैं. इसी तरह, राजनीतिक विज्ञान विभाग में प्रिया कुमारी एवं अभिषेक कुमार ने अपनी सेवा देनी शुरू कर दी है. इनके अलावा, इतिहास विभाग में अंजलि सार्थक तथा समाजशास्त्र विभाग में डॉ. राकेश कुमार ने सहायक प्राध्यापक के तौर पर अपना योगदान दिया है.
छह अन्य प्राध्यापकों का योगदान होना है शेष
छह शिक्षकों के योगदान के बावजूद महाविद्यालय में अभी कुछ और रिक्त पदों पर शिक्षकों का आना बाकी है. प्राचार्य डॉ. पासवान ने बताया कि वर्तमान में महाविद्यालय के भीतर हिंदी विभाग के दो, अंग्रेजी विभाग के दो, इतिहास विभाग के एक और समाजशास्त्र विभाग के एक सहायक प्राध्यापक का योगदान होना शेष है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इन बचे हुए शिक्षकों का योगदान हो जाने के बाद महाविद्यालय में सभी विषयों की पढ़ाई को और अधिक सुचारू व बेहतर बनाने में काफी मदद मिलेगी. नए शिक्षकों की नियुक्ति से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को नियमित रूप से उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सकेगा.
