झाझा के प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनील कुमार चांद ने कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक सेवा पहुंचाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी काम में किसी तरह का दबाव बनाकर या बाधा डालकर काम करवाने की कोशिश करने वालों के लिए प्रखंड कार्यालय में कोई जगह नहीं है. बीडीओ ने ये बातें प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहीं.
कार्यालय के बाहर हो-हल्ला करने का मामला
बीडीओ ने हाल की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि दो-तीन दिन पहले कुछ लोग उनके कार्यालय के बाहर आकर हो-हल्ला कर रहे थे. जब उन्होंने लोगों को हो-हल्ला नहीं करने और संयमित होकर बात करने को कहा, तो वे आक्रोशित हो गए और अनाप-शनाप बातें करने लगे.
अधिकारियों के साथ चल रही थी बैठक
उन्होंने बताया कि संबंधित लोगों को अंचलाधिकारी से किसी काम के सिलसिले में मिलना था. उस समय अंचलाधिकारी और अन्य अधिकारियों के साथ उनके कार्यालय में बैठक चल रही थी. बैठक में सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को धरातल पर उतारने को लेकर चर्चा हो रही थी. इसी दौरान कार्यालय के बाहर हो-हल्ला सुनाई दिया, जिसके बाद सभी अधिकारी बाहर आए.
दबाव बनाकर काम करवाना सही नहीं
बीडीओ के अनुसार, बाहर मौजूद लोगों ने बताया कि उन्हें अंचलाधिकारी से काम है. उन्होंने धमकी भरे लहजे में खुद को किसी पार्टी का व्यक्ति बताते हुए सार्वजनिक काम के लिए आने की बात कही. इस पर बीडीओ ने कहा कि सभी अधिकारी सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए काम कर रहे हैं. किसी पर दबाव बनाकर या हो-हल्ला कर काम करवाना उचित नहीं है.
बिचौलियों और दबाव बनाने वालों पर सख्त रुख
बीडीओ सुनील कुमार चांद ने जोर देते हुए कहा कि बिचौलियों, अनाप-शनाप बोलने वालों या सरकारी काम में बाधा डालकर दबाव बनाने वालों के लिए प्रखंड कार्यालय में कोई जगह नहीं है. उन्होंने कहा कि अधिकारी संवैधानिक तौर-तरीकों के साथ समाज के अंतिम पायदान के लोगों तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं.
प्रतिवाद मार्च और पुतला दहन पर जतायी आपत्ति
बीडीओ ने कहा कि ऐसी जानकारी मिली है कि प्रखंड कार्यालय के विरोध में कुछ लोगों ने प्रतिवाद मार्च निकाला और पुतला दहन किया. उन्होंने इसे नियमों के विरुद्ध बताया. उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या या शिकायत का समाधान निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाना चाहिए.
अंचलाधिकारी ने भी बतायी घटना की स्थिति
अंचलाधिकारी निशा सिंह ने कहा कि बीडीओ कार्यालय में एक महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर अधिकारियों की बैठक चल रही थी. इसी दौरान उन्हें बीडीओ कक्ष के बाहर हो-हल्ला होने की जानकारी मिली. बाहर जाकर उन्होंने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे जोर-जोर से बात करते हुए अनर्गल बातें कर रहे थे. उन्होंने कहा कि यह व्यवहार उचित नहीं था, जबकि अधिकारी उस समय सरकार के कार्यों और योजनाओं को लेकर बैठक कर रहे थे.
