विभाग के चकबंदी निदेशक ने समाहर्ता से की थी कार्रवाई की अनुशंसा
जमुई. जिले के खैरा अंचल में जमीन परिमार्जन के बदले 70 हजार रुपए रिश्वत की डिमांड करने वाले राजस्व कर्मी आशीष की गिरफ्तारी के बाद उसके काले चिट्ठे खुलने लगे हैं. इसी बीच राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग बिहार सरकार के चकबंदी निदेशक राकेश कुमार का पत्र सामने आया है, जिसमें वो समाहर्ता जमुई को राजस्व कर्मचारी पर करवाई करने के निर्देश दिए थे. दिनांक 07/02/2025 को जारी उक्त विभागीय पत्र में आवेदक शैलेंद्र नाथ मिश्र के शिकायत का हवाला देते हुए बताया है कि राजस्व कर्मचारी ने अवैध रूप से वर्ष 2003 में मैन्युअल भू लगान रसीद निर्गत किया, जिसकी जांच के आदेश दिए गए थे. कर्मचारी से पीड़ित क्षेत्रीय लोगों की प्रतिक्रियाएं भी आनी शुरू हो गयी है. मांगोबंदर निवासी साहित्यकार ज्योतींद्र मिश्र बताते हैं कि राजस्व विभाग ,बिहार सरकार ने 2018 में सभी जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिया था कि किसी भी परिस्थिति में मैनुअल रसीद नहीं दी जाय. अगर किसी ने दिया है तो जिलाधिकारी उसे संग्रहित करें और कर्मी के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई करते हुए विभाग को सूचित करें. लेकिन आशीष किसी नियमों का पालन नहीं करते थे. वहीं, स्थानीय निवासी शैलेन्द्र नाथ मिश्र की माने तो सीओ के साथ-साथ उच्च अधिकारियों के संरक्षण और स्थानीय भू दलाल के दबाव में कई ऐसे रैयतों के नाम दोहरी जमाबंदी की जाली रसीद काटकर विवाद उत्पन्न करना और दोनों पक्षों से अवैध धन उगाही कर कर्मचारी अपनी जेब गर्म करते थे. परिमार्जन के लिए खुल्लम खुल्ला इनकी फीस हजारों में निर्धारित थी जिसके भंवर में फंसकर ये अब निगरानी के हत्थे चढ़े हैं. स्थानीय लोगों ने कर्मचारी पर सख्त कार्रवाई करने की मांग रखी है ताकि इसकी रिश्वतखोरी पर लगाम लग सके. बताते चलें कि कि, खैरा अंचल में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी आशीष कुमार घुस लेते हुए बीते गुरुवार को विजिलेंस की टीम के गिरफ्त में आ गए थे. विजिलेंस की टीम आशीष कुमार को अपने साथ ले जाकर विभागीय कार्रवाई कर रही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
