रिटायर्ड प्रभारी पर विद्यालय के सात लाख रुपये डकारने का आरोप

शिक्षा के मंदिर में भ्रष्टाचार की दीमक ने सरकारी खजाने को खोखला कर दिया है. इसकी बानगी जिले के झाझा स्थित उमवि बरमसिया में दिखाई दी

– बिन वाउचर दिखायी साहेबगिरी, हजम हो गये 7 लाख रुपये, जीर्ण-शीर्ण है कक्ष जमुई. शिक्षा के मंदिर में भ्रष्टाचार की दीमक ने सरकारी खजाने को खोखला कर दिया है. इसकी बानगी जिले के झाझा स्थित उमवि बरमसिया में दिखाई दी, जहां एक रिटायर प्रभारी द्वारा पद के दुरुपयोग और लाखों की हेराफेरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है. दरअसल, यहां के पूर्व प्रभारी रामदेव दास पर विद्यालय फंड से करीब 7 लाख रुपये बंदरबांट करने का आरोप है. वर्तमान प्रभारी कुमार शिवेश कहते हैं कि फंड होने के बावजूद स्कूल के फर्श टूटे हैं और बेंच-डेस्क गायब है. पूर्व प्रभारी द्वारा दर्ज रिकॉर्ड में खर्च है, लेकिन जमीन पर सिर्फ बदहाली दिख रही है. इतना ही नहीं, कार्यकाल के दौरान हुए खर्च का कोई भी हिसाब या वाउचर विद्यालय को नहीं सौंपा गया. बिन वाउचर पूर्व प्रभारी ने विद्यालय में ””साहबगिरी”” दिखाई है. इतना ही नहीं इसका विरोध और जांच की मांग किए जाने पर ”हरिजन एक्ट” में फंसाने और जान मारने की भी धमकी मिलती है. आलम है कि, आरोपित प्रभारी अपनी ऊंची पैठ का हवाला देकर न्यायसंगत व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं. वहीं, वर्तमान प्रधानाध्यापक कुमार शिवेश ने साक्ष्यों के साथ अपर मुख्य सचिव से गुहार लगायी है. इधर, पूर्व प्रभारी रामदेव दास ने इन आरोप को गलत और निराधार बताया है.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

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