Jhajha Railway Pond: झाझा. करीब 25 वर्षों से उपेक्षा का दंश झेल रहे झाझा के रेलवे तालाब की तस्वीर अब बदलने वाली है. मंगलवार से रेलवे तालाब के सौंदर्यीकरण और विकास का काम शुरू कर दिया गया. करीब 22.7 एकड़ में फैले तीन तालाबों को चरणबद्ध तरीके से विकसित करने की योजना है. लंबे समय से बदहाल पड़े इस इलाके को विकसित करने की पहल से स्थानीय लोगों में भी उम्मीद जगी है.
तालाबों के विकास का पहला चरण साफ-सफाई और आसपास के क्षेत्र को व्यवस्थित करने से शुरू होगा. इसके बाद प्रस्तावित योजना के अनुसार तालाब परिसर में लोगों की सुविधा, मनोरंजन और रोजगार से जुड़ी कई व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी. परियोजना पूरी होने के बाद रेलवे तालाब झाझा में शहरवासियों के लिए एक नए आकर्षण के रूप में सामने आ सकता है.
22.7 एकड़ में फैले तीन तालाबों का होगा विकास
रेलवे तालाब परिसर में करीब 22.7 एकड़ क्षेत्र में तीन तालाब हैं. वर्षों से रखरखाव और विकास के अभाव में इनका स्वरूप प्रभावित हुआ है. अब इन्हें चरणबद्ध तरीके से विकसित करने की तैयारी है.
पहले चरण में तालाबों की वैज्ञानिक तरीके से साफ-सफाई और आसपास के क्षेत्र को व्यवस्थित किया जाएगा. इसके बाद योजना के अनुसार अन्य सुविधाओं का निर्माण और विकास किया जाएगा.
बच्चों के लिए पार्क, लोगों के लिए कैफेटेरिया
रेलवे तालाब के कायाकल्प की योजना सिर्फ साफ-सफाई तक सीमित नहीं है. तालाब परिसर को लोगों के लिए बेहतर और आकर्षक बनाने के लिए कई सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव है.
योजना के तहत लोगों के बैठने के लिए बेंच लगायी जाएंगी. परिसर में प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की योजना है. बच्चों के मनोरंजन के लिए पार्क विकसित किया जाएगा.
इसके अलावा कैफेटेरिया या रेस्टोरेंट और करीब 100 लोगों की क्षमता वाला एक छोटा हॉल भी विकसित करने का प्रस्ताव है. इन सुविधाओं के तैयार होने के बाद परिवार के साथ समय बिताने के लिए शहरवासियों को एक नया स्थान मिल सकेगा.
मत्स्य पालन से रोजगार की भी बढ़ेगी संभावना
तालाबों के विकास का एक महत्वपूर्ण पहलू मत्स्य पालन भी है. योजना के तहत वैज्ञानिक तरीके से तालाबों की सफाई के साथ मत्स्य पालन और मत्स्य बीज उत्पादन को बढ़ावा देने की तैयारी है.
इससे तालाबों का बेहतर उपयोग होने के साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है. मत्स्य पालन से जुड़े लोगों को रोजगार और आय के अवसर मिलने की संभावना है.
पर्यटन को भी मिल सकती है नई दिशा
झाझा में लंबे समय से उपेक्षित रेलवे तालाब का विकास होने के बाद यह सिर्फ जलाशय तक सीमित नहीं रहेगा. पार्क, बैठने की जगह, प्रकाश, कैफेटेरिया और अन्य सुविधाओं के कारण यह स्थानीय लोगों के लिए मनोरंजन स्थल के रूप में विकसित हो सकता है.
परियोजना पूरी होने के बाद यहां लोगों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है. इससे स्थानीय दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिल सकता है. बेहतर तरीके से विकसित होने पर रेलवे तालाब झाझा के स्थानीय पर्यटन का नया केंद्र भी बन सकता है.
25 साल से विकास का इंतजार कर रहे थे लोग
रेलवे तालाब करीब 25 वर्षों से उपेक्षित पड़ा था. स्थानीय लोगों को लंबे समय से इसके विकास और सौंदर्यीकरण का इंतजार था. ऐसे में काम शुरू होने को शहर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.
स्थानीय लोगों की उम्मीद है कि प्रस्तावित योजना सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे और सभी चरणों का काम निर्धारित समय में पूरा हो. तालाब परिसर के व्यवस्थित विकास से आसपास के क्षेत्र की तस्वीर बदलने की भी संभावना है.
जिला परिषद प्रतिनिधि ने जतायी खुशी
जिला परिषद प्रतिनिधि राकेश कुमार सिंह ने रेलवे तालाब के सौंदर्यीकरण का काम शुरू होने पर खुशी जतायी. उन्होंने रेलवे के उच्चाधिकारियों को साधुवाद दिया. साथ ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, स्थानीय विधायक सह परिवहन मंत्री दामोदर रावत और खेल व उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह के प्रति आभार जताया.
राकेश कुमार सिंह ने कहा कि रेलवे तालाब का कायाकल्प झाझा के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. लंबे समय से स्थानीय लोग तालाब के विकास और सौंदर्यीकरण की उम्मीद लगाए हुए थे.
उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद रेलवे तालाब न केवल झाझा की खूबसूरती बढ़ाएगा, बल्कि शहर को एक नई पहचान देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.
Jhajha Railway Pond: अब काम पूरा होने का इंतजार
मंगलवार से शुरू हुए काम के बाद अब स्थानीय लोगों की नजर परियोजना के अगले चरणों पर है. यदि प्रस्तावित पार्क, कैफेटेरिया, प्रकाश, सुरक्षा और अन्य सुविधाएं योजना के अनुसार विकसित होती हैं, तो वर्षों से उपेक्षित रेलवे तालाब झाझा के लिए एक नये सार्वजनिक स्थल के रूप में उभर सकता है.
