बरहट (जमुई) से शशिलाल की रिपोर्ट
Jamui Health Investigation: बरहट और मलयपुर के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति बुधवार देर रात सामने आई. स्थानीय लोगों की शिकायत पर की गई पड़ताल में बरहट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ड्यूटी के दौरान स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित मिले, जबकि मलयपुर उप-प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव पीड़ा से कराह रही गर्भवती महिला को समय पर बेड और आवश्यक देखभाल नहीं मिलने का मामला सामने आया. घटना ने जिले की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
रात में खाली मिला बरहट अस्पताल का ड्यूटी काउंटर
बुधवार रात करीब 11:54 बजे बरहट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने पर अस्पताल का मुख्य गेट खुला मिला, लेकिन ड्यूटी काउंटर पर कोई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था. वार्ड और अस्पताल परिसर भी लगभग खाली दिखाई दिया. काफी देर बाद प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विवेक कुमार सिंह बाहर आए. उन्होंने बताया कि ड्यूटी पर एएनएम पुतुल कुमारी समेत अन्य कर्मियों की तैनाती थी, लेकिन पुतुल कुमारी केवल उपस्थिति दर्ज कर अस्पताल से चली गई थीं. यदि यह तथ्य जांच में सही पाया जाता है तो यह ड्यूटी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है.
प्रसव पीड़ा से जूझती रही महिला, समय पर नहीं मिला बेड
मलयपुर उप-प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बरहट के फुलवरिया निवासी बादल कुमार अपनी गर्भवती पत्नी ज्योति कुमारी को आशा कार्यकर्ता खुशबू कुमारी के साथ प्रसव के लिए लेकर पहुंचे. परिजनों का आरोप है कि जांच के बाद दो घंटे इंतजार करने को कहा गया, लेकिन महिला को काफी देर तक प्रसव कक्ष में भर्ती नहीं किया गया और न ही बेड उपलब्ध कराया गया. दर्द से कराहती गर्भवती महिला अस्पताल परिसर में रखी टेबल पर बैठी रही.
जीएनएम पर ड्यूटी के दौरान लापरवाही का आरोप
परिजनों और आशा कार्यकर्ता का आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद जीएनएम संध्या कुमारी और एएनएम सविता कुमारी अपने कमरे में आराम कर रही थीं. कई बार बुलाने के बावजूद वे तत्काल बाहर नहीं आईं और बाद में सुरक्षा गार्ड नहीं होने का हवाला दिया. यदि आरोप सही हैं तो यह आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा में गंभीर लापरवाही का मामला माना जाएगा.
हाजिरी बनाकर ड्यूटी छोड़ने की शिकायत नई नहीं
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि बरहट और मलयपुर अस्पताल में कुछ स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ लंबे समय से ड्यूटी के दौरान अनुपस्थित रहने, केवल हाजिरी बनाकर लौट जाने और मरीजों को समय पर इलाज नहीं देने की शिकायतें मिलती रही हैं. हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
पहले भी सामने आ चुकी है लापरवाही
26 जून को भी मलयपुर थाना क्षेत्र के फुलवरिया मोड़ पर मारपीट में घायल युवक को बरहट थाना पुलिस इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाई थी. आरोप है कि उस समय भी अस्पताल में कोई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं मिला, जिसके बाद घायल को बिना प्राथमिक उपचार के सदर अस्पताल रेफर करना पड़ा था.
सिविल सर्जन ने दिए जांच के निर्देश
Jamui Health Investigation: मामले पर सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि सरकार गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है. यदि जांच में ड्यूटी से गायब रहने, मरीजों की उपेक्षा करने या लापरवाही बरतने के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट कहा कि मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
अब कार्रवाई पर टिकी निगाहें
लगातार सामने आ रही शिकायतों के बाद अब लोगों की नजर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर है. यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई से सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली में सुधार की उम्मीद की जा रही है.
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