प्रकृति प्रेमियों ने एक हज़ार से अधिक बीज बॉल्स को सड़क किनारे डाले

जलवायु संकट की धार को कुंद करने के लिए जमुई के प्रकृति प्रेमियों के एक समूह ने भी अपनी एक रणनीति तैयार कर ली है और उसे कार्यान्वित करना शुरू कर दिया है. प्राकृतिक प्रेमी ग्रीन गोपालपुर अभियान के तहत एक पंचायत स्तरीय क्लाइमेट रेज़ीलिएन्स एक्शन प्लान पर काम शुरू कर दिया है.

जमुई. जिले के विशेष भौगोलिक स्थिति के कारण जिला जलवायु परिवर्तन का एक हॉट स्पॉट माना जा रहा है. कम वर्षा और ढलान वाली धरती के कारण यहां हमेशा जलसंकट की समस्या रहती है. बीते कई दशकों में जलवायु संकट के गहराने से परिस्थितियां और भी विकट होती जा रही हैं और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. जलवायु संकट की धार को कुंद करने के लिए जमुई के प्रकृति प्रेमियों के एक समूह ने भी अपनी एक रणनीति तैयार कर ली है और उसे कार्यान्वित करना शुरू कर दिया है. प्राकृतिक प्रेमी ग्रीन गोपालपुर अभियान के तहत एक पंचायत स्तरीय क्लाइमेट रेज़ीलिएन्स एक्शन प्लान पर काम शुरू कर दिया है. जानकारी देते हुए ग्रीन गोपालपुर के रवीश कुमार सिंह ने बताया कि प्राकृति की विशेष देखभाल करने को लेकर रविवार को एक हजार से अधिक बीज बॉल्स को सड़क के दोनों किनारे फेंके गये. टीम ने ये बीज बॉल्स गोपालपुर पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय ढाव के छात्रों के साथ मिलकर बनाये थे. सीड बॉल्स बनाने और उन्हें प्रकृति में छोड़ने के पीछे लक्ष्य है अगले तीन बरसों में पंचायत में प्रति व्यक्ति पांच पेड़ का लक्ष्य हासिल करना. साथ ही पंचायत के सभी परिवारों की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए हर परिवार का अपना पंचरत्न मॉडल और जैविक पोषण वाटिका बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पांच पंचरत्न मॉडल भी लगाये गये. पंचरत्न मॉडल में घरों से निकलने वाले पानी के लिए एक सोख्ता बनाया जाता है और उसके चारों केला, पपीता, अमरूद, सहजन और कढ़ी पत्ता जैसे पांच पेड़ लगाये जाते हैं. जिन परिवारों के पास जमीन होती है वे सप्तऋषि मॉडल भी लगा सकते हैं. इस मॉडल में पंचरत्न के साथ नींबू और आंवला के पेड़ भी लगाते हैं. बताते चलें कि इस अभियान से जुड़े धीरज कुमार सिंह, पुरुषोत्तम कुमार सिंह और संतोष सुमन को विगत 20 जुलाई को बिहार सरकार के वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के माननीय मंत्री प्रेम कुमार ने पर्यावरण संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया है. उन्होंने 75वें वन महोत्सव के अवसर पर सखिकुड़ा ग्राम के छात्र आर्यन कुमार को भी पर्यावरण संरक्षण में अपूर्व योगदान के लिए सम्मानित किया था. मौके पर पैक्स अध्यक्ष पुरुषोत्तम कुमार सिंह, धीरज कुमार सिंह, संतोष कुमार सुमन, आदित्य सुमन, भोला रजक, अरुणेश मिश्रा(सोनू), आनंद पांडे बच्चे एवं ग्रामीण आदि प्रकृति प्रेमी शामिल थे.

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