घायल युवक घुरमुड़िया गांव निवासी गौतम मंडल का पुत्र आयुष कुमार है, जिसे सोमवार देर शाम परिजनों द्वारा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. पेट में ही गोली फंसे होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए तुरंत पटना रेफर कर दिया है. घायल ने अपने ही दो साथियों पर फोन कर बुलाने और गोली मारने का गंभीर आरोप लगाया है, जिसके बाद से दोनों आरोपी फरार हैं.
फोन कर बुलाया और मार दी गोली: पीड़ित का आरोप
घटना को लेकर घायल आयुष कुमार ने अस्पताल में पुलिस व परिजनों के समक्ष अपना बयान दिया है:
- घाट पर बुलाया: आयुष के अनुसार, सोमवार की शाम गांव के ही उसके दो साथियों—चंपू कुमार और सचिन कुमार ने उसे फोन कर देवदार घाट (देवता घाट) के पास बुलाया था.
- अचानक चली गोली: वहां पहुंचने के बाद आरोपियों ने पिस्तौल निकाली. पीड़ित का आरोप है कि चंपू और सचिन ने उस पर अचानक गोली चला दी, जो सीधे उसके पेट में लग गई. वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों युवक मौके से फरार हो गए.
घंटों बाद परिजनों को मिली सूचना, हालत बेहद नाजुक
जानकारी के मुताबिक, यह वारदात सोमवार की शाम को ही घटित हो गई थी, लेकिन दहशत या किसी अन्य वजह से काफी देर तक इसकी जानकारी किसी को नहीं दी गई. घटना के घंटों बीत जाने के बाद जब परिवार वालों को भनक लगी, तो आनन-फानन में घायल को लेकर वे सदर अस्पताल पहुंचे. अत्यधिक खून बह जाने और शरीर के भीतर ही गोली अटके रहने के कारण आयुष की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है.
पुलिस का बयान: खेल-खेल में गोली चलने की भी चर्चा, जांच जारी
इस सनसनीखेज वारदात को लेकर लछुआड़ पुलिस ने मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है:
"हमें देवदार घाट के पास एक युवक को गोली लगने की आधिकारिक सूचना मिली है. स्थानीय स्तर पर प्रारंभिक छानबीन में यह बात भी सामने आ रही है कि युवक आपस में खेल-खेल में हथियार देख रहे थे और उसी दौरान मिसफायर होने से गोली चली. हालांकि, घायल युवक द्वारा लगाए गए आरोपों और अन्य सभी संभावित बिंदुओं को ध्यान में रखकर पुलिस बारीकी से तकनीकी व मानवीय जांच कर रही है. फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है." — रूपेश कुमार, थाना प्रभारी, लछुआड़
