Khaira school waterlogging: खैरा. लगातार हो रही बारिश ने खैरा प्रखंड क्षेत्र के नवीन प्राथमिक विद्यालय खैरा गढ़ की व्यवस्था को प्रभावित कर दिया है. विद्यालय परिसर और कमरों में घुटनों तक पानी भर जाने से पठन-पाठन बाधित है. बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह बंद न हो, इसके लिए उन्हें पास के दूसरे भवन में टैग कर पढ़ाया जा रहा है. जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण हर वर्ष बारिश के मौसम में स्कूल के सामने यही समस्या खड़ी हो जाती है.
निचले इलाके में होने से विद्यालय में भरता है पानी
विद्यालय के शिक्षक रंजीत कुमार के अनुसार, स्कूल परिसर निचले स्थान पर स्थित है. बारिश के दौरान आसपास के इलाकों का पानी बहकर विद्यालय परिसर में जमा हो जाता है. जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी बाहर नहीं निकल पाता है. लगातार बारिश होने पर जलस्तर और बढ़ने की आशंका बनी रहती है.
पानी कम होने के बाद भी बच्चों और शिक्षकों की परेशानी तुरंत खत्म नहीं होती. परिसर में कीचड़, गंदगी और काई जमा हो जाती है. इसकी सफाई के बाद ही विद्यालय में सामान्य रूप से पढ़ाई शुरू कराना संभव हो पाता है. शिक्षक के अनुसार, समस्या की जानकारी कई बार संबंधित विभाग को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक स्थायी जलनिकासी की व्यवस्था नहीं हो सकी है.
दूसरे भवन में चल रही बच्चों की पढ़ाई
विद्यालय परिसर में पानी भरने के कारण फिलहाल बच्चों को समीप स्थित दूसरे भवन में पढ़ाया जा रहा है. इससे बच्चों की पढ़ाई जारी रखने की कोशिश की जा रही है, लेकिन विद्यालय की मूलभूत सुविधाएं प्रभावित हो गई हैं. स्कूल का किचन शेड, शौचालय, मोटर और पानी की व्यवस्था भी जलजमाव की चपेट में है.
शौचालय के इस्तेमाल में परेशानी होने के कारण बच्चों को आसपास के घरों का सहारा लेना पड़ रहा है. वहीं, पानी जमा रहने के दौरान जहरीले जीव-जंतुओं के आने का खतरा भी बना रहता है. ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी शिक्षकों और अभिभावकों की चिंता बढ़ी हुई है.
Khaira school waterlogging: आंगनबाड़ी के नौनिहालों की भी बढ़ी परेशानी
विद्यालय के समीप स्थित इसी भवन के ऊपरी तल्ले के एक कमरे में आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित होता है. आंगनबाड़ी का अपना भवन नहीं होने के कारण छोटे बच्चों को भी जलजमाव वाले परिसर से होकर केंद्र तक पहुंचना पड़ता है. अभिभावक बच्चों को केंद्र तक पहुंचाने और वापस ले जाने के लिए मजबूर हैं.
विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि बारिश के मौसम में हर साल जलजमाव की समस्या सामने आती है. इससे बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ आंगनबाड़ी के नौनिहालों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाएं भी प्रभावित होती हैं. विद्यालय प्रबंधन ने संबंधित विभाग से स्थायी जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि बारिश के दौरान स्कूल को बार-बार दूसरे भवन में स्थानांतरित करने की जरूरत न पड़े.
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