Jamui Vidyarthi Sahayog Camp: स्कूल में शिक्षक नहीं आते हैं, परीक्षा के बाद रिजल्ट जारी होने में देरी होती है या फिर कॉलेज में पानी, शौचालय और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की परेशानी है, तो अब विद्यार्थी सीधे अपनी शिकायत अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे. मंगलवार को जमुई के 36 शिक्षण संस्थानों में लगे विद्यार्थी सहयोग शिविर में छात्रों ने पढ़ाई से लेकर मूलभूत सुविधाओं तक की समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं.
राज्य सरकार के निर्देश पर जिले के चयनित विद्यालयों, महाविद्यालयों, तकनीकी शिक्षण संस्थानों और छात्रावासों में शिविर लगाया गया. इसमें छात्र-छात्राओं ने अपनी समस्याओं के साथ सुझाव भी अधिकारियों को दिए.
शिक्षक की अनुपस्थिति से लेकर रिजल्ट में देरी तक शिकायत
शिविर में विद्यार्थियों ने कक्षाओं के नियमित संचालन और शिक्षकों की अनुपस्थिति से जुड़ी समस्याएं उठायीं. परीक्षा आयोजन और परिणाम प्रकाशन में देरी की शिकायत भी सामने आयी.
कुछ छात्रों ने अनधिकृत शुल्क वसूली और कोचिंग संस्थानों से जुड़ी समस्याओं की जानकारी दी. विद्यार्थियों का कहना था कि इन समस्याओं का सीधा असर उनकी पढ़ाई पर पड़ता है.
पानी, शौचालय और बिजली की भी समस्या
शैक्षणिक समस्याओं के अलावा छात्रों ने संस्थानों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी अपनी बात रखी. पेयजल, शौचालय, बिजली और साफ-सफाई से जुड़ी शिकायतें सामने आयीं. प्रयोगशाला की सुविधाओं को लेकर भी विद्यार्थियों ने अपनी समस्याएं बतायीं.
पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज होगी शिकायत
विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए हाल ही में विद्यार्थी सहयोग पोर्टल शुरू किया गया है. संबंधित शिक्षण संस्थानों के पंजीकृत छात्र-छात्राएं अपनी शिकायत और सुझाव ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे.
इस व्यवस्था से छात्रों को अपनी शिकायत अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है.
Jamui Vidyarthi Sahayog Camp: हर महीने लगेगा शिविर, 30 दिन में निस्तारण
जिला प्रशासन के अनुसार प्रत्येक माह के चतुर्थ मंगलवार को जिला स्तरीय विद्यार्थी सहयोग शिविर आयोजित किया जाएगा. शिविर और पोर्टल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का अधिकतम 30 दिनों के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है.
प्रशासन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उनकी समस्याओं का पारदर्शी और समयबद्ध समाधान करना है.
मंगलवार को आयोजित शिविर में विद्यार्थियों ने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं. छात्रों ने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए उम्मीद जतायी कि दर्ज शिकायतों पर जल्द कार्रवाई होगी.
