Jamui Sadar Hospital OPD Today: सदर अस्पताल जमुई में सोमवार को विभिन्न विभागों की ओपीडी सेवाएं संचालित होंगी. अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी ड्यूटी रोस्टर के अनुसार पुरुष, महिला, हड्डी, नेत्र, दंत, मानसिक स्वास्थ्य, टीबी, शिशु रोग और सर्जरी विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सक मरीजों का इलाज करेंगे. वहीं इमरजेंसी, एसएनसीयू, ऑपरेशन थिएटर, ब्लड बैंक और पैथोलॉजी में भी डॉक्टरों की तैनाती की गई है, ताकि मरीजों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें.
OPD में विशेषज्ञ डॉक्टरों की रहेगी मौजूदगी
सोमवार को पुरुष ओपीडी में डॉ खुबाईब आलम मरीजों की जांच करेंगे, जबकि दूसरी पाली में डॉ सौरव सिंह अपनी सेवाएं देंगे. आर्थो ओपीडी में डॉ विशाल आनंद, नेत्र ओपीडी में डॉ थनीष कुमार और डेंटल ओपीडी में डॉ सौरव सुमन मरीजों का इलाज करेंगे.
मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के लिए डॉ शुभम घोष मेंटल ओपीडी में उपलब्ध रहेंगे. वहीं टीबी ओपीडी में डॉ मनीष कुमार और शिशु रोग विभाग में डॉ शैलेन्द्र कुमार बच्चों की जांच कर आवश्यक परामर्श देंगे. सर्जन ओपीडी में डॉ मृत्युंजय कुमार मरीजों को चिकित्सकीय सलाह देंगे.
महिला मरीजों के लिए तीन पालियों में व्यवस्था
महिला मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए महिला ओपीडी में तीन पालियों में डॉक्टरों की तैनाती की गई है. पहली पाली में डॉ स्निग्धा, दूसरी पाली में डॉ नम्रता सिन्हा और तीसरी पाली में डॉ श्वेता सिंह मरीजों का उपचार करेंगी. इससे महिला मरीजों को पूरे दिन परामर्श और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध रहेगी.
Emergency Service रहेगी 24 घंटे सक्रिय
अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में चौबीसों घंटे डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है. पहली पाली में डॉ नवीनचंद्र गुप्ता, दूसरी पाली में डॉ जीके सुमन और तीसरी पाली में डॉ अंशुल अनुराग मरीजों का उपचार करेंगे. गंभीर मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इमरजेंसी टीम पूरी तरह तैयार रहेगी.
OT, SNCU और ब्लड बैंक में भी डॉक्टर तैनात
आई ओटी में डॉ गौरव हेंब्रम और जनरल ओटी में डॉ एजाज अहमद की ड्यूटी लगाई गई है. एसएनसीयू में पहली पाली में डॉ प्रितम प्रिया तथा दूसरी पाली में डॉ अमित रंजन नवजात शिशुओं की देखभाल करेंगे. पैथोलॉजी में डॉ मोनिका रंजन और ब्लड बैंक में डॉ राहुल राज सेवाएं देंगे. वहीं एनसीडी क्लिनिक में डॉ संजय राम मरीजों की जांच करेंगे.
अस्पताल प्रशासन ने मरीजों से अपील की है कि वे संबंधित विभाग के समय के अनुसार अस्पताल पहुंचें ताकि जांच और उपचार में किसी प्रकार की असुविधा न हो.
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