जमुई से पंकज कुमार की रिपोर्ट की रिपोर्ट:
Jamui Police Negligence: बिहार के जमुई जिले से पुलिस अभिरक्षा और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में एक गिरफ्तार आरोपी अपनी हथकड़ी से बंधी रस्सी को खुद थामे हुए नजर आ रहा है, जबकि पुलिसकर्मी उसके आगे-आगे चलते दिखाई दे रहे हैं. यह दृश्य सामने आने के बाद पुलिस की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
शराब के आरोप में हुई थी गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार चंद्रमंडीह थाना पुलिस ने शराबबंदी कानून के तहत कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत उसका मेडिकल परीक्षण कराने के लिए पुलिस टीम उसे जमुई सदर अस्पताल लेकर पहुंची थी.
अस्पताल परिसर में दिखा हैरान करने वाला दृश्य
सदर अस्पताल परिसर में जो दृश्य देखने को मिला, वह लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया. वायरल वीडियो में आरोपी के हाथों में हथकड़ी लगी हुई दिखाई दे रही है. हथकड़ी से बंधी रस्सी पुलिसकर्मी के हाथ में होने के बजाय खुद आरोपी ने ही पकड़ रखी थी.
वीडियो में पुलिसकर्मी और सुरक्षा बल के जवान आगे चलते नजर आ रहे हैं, जबकि आरोपी पीछे-पीछे अपनी हथकड़ी और रस्सी संभालते हुए मेडिकल जांच के लिए वार्ड की ओर बढ़ रहा है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
अस्पताल परिसर में मौजूद किसी व्यक्ति ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है. वीडियो को लेकर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. कई लोगों ने इसे पुलिस की लापरवाही बताया है, जबकि कुछ लोग इसे सुरक्षा व्यवस्था में चूक मान रहे हैं.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं. लोगों का कहना है कि यदि भीड़भाड़ वाले अस्पताल परिसर में आरोपी भागने का प्रयास करता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी. ऐसे में पुलिस अभिरक्षा और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर चर्चा शुरू हो गई है.
हालांकि इस मामले में अभी तक किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. वीडियो की सत्यता और परिस्थितियों को लेकर पुलिस की ओर से भी कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है.
जांच और प्रतिक्रिया पर टिकी निगाहें
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो के बाद लोगों की नजर अब पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया पर है. देखना होगा कि मामले को लेकर विभागीय स्तर पर कोई जांच या स्पष्टीकरण जारी किया जाता है या नहीं.
