Nutrition Health Awareness Jamui: जमुई में महादलित मुसहरी टोले में रहने वाले परिवारों के लिए पोषण का मतलब सिर्फ पेट भरना नहीं, बल्कि सही भोजन और स्वस्थ जीवन से जुड़ी जानकारी भी है. इसी सोच के साथ सोमवार को बरहट प्रखंड के पतौना पहाड़ मुसहरी टोला में मासिक पोषण एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत की गई. कार्यक्रम में ग्रामीणों को बताया गया कि उनके आसपास आसानी से उपलब्ध साग-सब्जियां, फल और मोटे अनाज भी शरीर को जरूरी पोषण दे सकते हैं.
समग्र सेवा, स्वास्थ्य विभाग बरहट और बाल विकास परियोजना बरहट के संयुक्त तत्वावधान में शुरू हुआ यह अभियान 7 से 22 सितंबर तक चलेगा. इस दौरान प्रखंड के 20 महादलित मुसहरी टोला के अलावा भीमबांध, गुरमाहा और चोरमारा क्षेत्र में अलग-अलग गतिविधियों के जरिये लोगों को पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाएगा.
दवा से पहले खान-पान और स्वच्छता पर जोर
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों और माताओं को कुपोषण से बचाना है. इसके साथ ग्रामीण परिवारों को संतुलित खान-पान, साफ-सफाई और नियमित स्वास्थ्य जांच की जरूरत समझाई जा रही है. कार्यक्रम में ग्रामीण महिला-पुरुषों के अलावा गर्भवती और धात्री माताओं, किशोरियों तथा 3 से 5 वर्ष आयु के बच्चों को प्रमुख रूप से शामिल किया गया.
कार्यक्रम में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध फल, सब्जियों और मोटे अनाज की प्रदर्शनी लगायी गयी. ग्रामीणों को इन खाद्य पदार्थों के पोषण संबंधी महत्व और स्वास्थ्य लाभ के बारे में जानकारी दी गयी. खास तौर पर महुआ, तीसी, मड़ुआ और कुर्थी जैसे स्थानीय खाद्य पदार्थों की उपयोगिता समझायी गयी.
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विजय कुमार और स्वास्थ्य प्रबंधक जूही अलका ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि हर बीमारी का इलाज केवल दवा से ही संभव नहीं है. नियमित और संतुलित खान-पान, स्वच्छता की आदत और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कई बीमारियों से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
22 किशोरियों समेत 61 लोगों की हुई जांच
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 22 किशोरियों, पांच धात्री माताओं और तीन गर्भवती माताओं की एनीमिया जांच की. जांच के बाद उन्हें आवश्यक परामर्श भी दिया गया. वहीं, 3 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 31 बच्चों का वजन और ऊंचाई मापी गयी. बच्चों की माताओं को उनके खान-पान और पोषण से संबंधित जरूरी जानकारी दी गयी.
इसके अलावा कार्यक्रम में शामिल अन्य लाभार्थियों की भी स्वास्थ्य जांच की गयी. इस तरह कार्यक्रम सिर्फ जागरूकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मौके पर स्वास्थ्य की स्थिति जानने और जरूरत के अनुसार परामर्श देने की कोशिश भी की गयी.
जमुई की बेटी ने किशोरियों को बताया सफलता का रास्ता
कार्यक्रम का एक खास पहलू जमुई की बेटी लक्ष्मी भार्गव की मौजूदगी रही. कार्यक्रम का उद्घाटन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विजय कुमार, स्वास्थ्य प्रबंधक जूही अलका और लक्ष्मी भार्गव ने संयुक्त रूप से किया. लक्ष्मी भार्गव ने ‘मिस टीना हिसपानो अमेरिकाना 2026’ का खिताब अपने नाम कर देश स्तर पर जमुई का नाम रोशन किया है. कार्यक्रम में उन्हें बुके देकर सम्मानित किया गया.
लक्ष्मी भार्गव और उनकी माता ने अपने जीवन के संघर्षों को ग्रामीणों के साथ साझा किया. उन्होंने खास तौर पर किशोरियों को शिक्षा को प्राथमिकता देने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि मेहनत, शिक्षा और आत्मविश्वास के बल पर बेटियां अपने सपनों को पूरा कर सकती हैं.
उनकी बातें कार्यक्रम में मौजूद किशोरियों और अभिभावकों के लिए प्रेरणा बनीं. स्वास्थ्य और पोषण के संदेश के बीच शिक्षा और आत्मविश्वास की यह बात कार्यक्रम को एक अलग सामाजिक संदेश भी देती नजर आयी.
Nutrition Health Awareness Jamui: 22 सितंबर को होगा अभियान का समापन
संस्था के कार्यकर्ता राजेश ने बताया कि 22 सितंबर तक चलने वाले इस कार्यक्रम के माध्यम से महादलित मुसहरी टोले के लोगों के बीच स्थानीय साग-सब्जियों और मोटे अनाज के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा. इसका उद्देश्य पोषण और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाना है.
प्रदर्शनी में शामिल महुआ, तीसी, मड़ुआ और कुर्थी जैसे स्थानीय खाद्य पदार्थों के फायदे ग्रामीणों को समझाये गये. बच्चों के लिए इन खाद्य पदार्थों से जुड़ी जानकारी विशेष रूप से नई और उपयोगी रही.
कार्यक्रम का समापन 22 सितंबर 2026 को जिला मुख्यालय स्थित समग्र सेवा परिसर में संस्था के 26वें स्थापना दिवस के अवसर पर किया जाएगा. इस दौरान अभियान के तहत किये गये जागरूकता कार्यक्रमों का समापन होगा.
कार्यक्रम में सैकड़ों स्थानीय लोगों के साथ संस्था के कार्यकर्ता सौरभ, मिसा, खुशबू, दीपक, आस्तिक, अमित, अमरेश सहित अन्य लोग मौजूद रहे.
