कई गांवों को जोड़ने वाली सड़क पर आवागमन मुश्किल, जल निकासी नहीं होने से बढ़ी परेशानी
गिद्धौर (जमुई) से कुमार सौरभ की रिपोर्ट:
Jamui news: प्रखंड के कोल्हुआ पंचायत अंतर्गत धोबघट गांव से यादव टोला होते हुए सिमरिया, गेरुआडीह और पूर्वी कोल्हुआ समेत कई गांवों को जोड़ने वाली मुख्य ग्रामीण सड़क इन दिनों बदहाली का शिकार है. सड़क पर अतिक्रमण, जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने और गंदे पानी के बहाव के कारण ग्रामीणों व राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
ग्रामीणों के अनुसार सड़क की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि हल्की बारिश होते ही यह कीचड़ और जलजमाव से भर जाती है. कई स्थानों पर सड़क तालाब जैसी दिखाई देने लगती है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है. इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीणों का आवागमन होता है, लेकिन समस्या के समाधान की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि धोबघट गांव के यादव टोला के समीप कुछ लोगों ने वर्षों से सड़क का अतिक्रमण कर रखा है. इसके कारण आसपास के घरों का गंदा पानी सीधे सड़क पर बहता है, जिससे सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है. गंदे पानी और कीचड़ से उठने वाली दुर्गंध का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है.
ग्रामीणों ने बताया कि शाम होते ही सड़क किनारे और कई बार सड़क पर ही मवेशियों को बांध दिया जाता है. इससे दिन और रात दोनों समय आवागमन में अतिरिक्त परेशानी होती है. खासकर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
ग्रामीणों ने प्रशासन से की हस्तक्षेप की मांग
ग्रामीण राजेश सिंह, विकास सिंह, किसान नेता कुणाल सिंह, रघुनंदन सिंह, सचिदानंद मिश्रा, अमन परिहार, मनोज मिश्रा, गोपाल सिंह, जय नारायण राव और ईश्वरी रावत समेत अन्य लोगों ने बताया कि अतिक्रमण और जल निकासी की समस्या के कारण पक्की सड़क की पहचान लगभग समाप्त हो गई है. सड़क कई जगह मिट्टी और कीचड़ में तब्दील हो चुकी है.
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों से सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराने, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने तथा सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है. उनका कहना है कि समस्या का समाधान होने से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि ग्रामीण स्वच्छता और क्षेत्र की सुंदरता भी बढ़ेगी.
ग्रामीणों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि वर्षों से चली आ रही इस समस्या से लोगों को राहत मिल सके.
