जमुई के बाल सुधार गृह में बंदी की तबीयत बिगड़ी, सदर अस्पताल में भर्ती

Jamui Juvenile Home: जानकारी के अनुसार, 17 वर्षीय रोहित कुमार की सुबह अचानक तबीयत खराब हो गई. उसे चक्कर आने लगे और वह बेहोश होने की स्थिति में पहुंच गया. स्थिति गंभीर होते देख बाल सुधार गृह के अधिकारियों ने तत्काल उसे सदर अस्पताल पहुंचाया.

चक्कर और बेहोशी की शिकायत के बाद अस्पताल पहुंचाया गया 17 वर्षीय बंदी, उपचार के बाद हालत स्थिर

जमुई से अर्जुन अरनव की रिपोर्ट:

Jamui Juvenile Home: बाल सुधार गृह में रह रहे एक बंदी की शनिवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई. चक्कर आने और बेहोशी जैसी स्थिति होने पर बाल सुधार गृह प्रशासन में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा है.

जानकारी के अनुसार, 17 वर्षीय रोहित कुमार की सुबह अचानक तबीयत खराब हो गई. उसे चक्कर आने लगे और वह बेहोश होने की स्थिति में पहुंच गया. स्थिति गंभीर होते देख बाल सुधार गृह के अधिकारियों ने तत्काल उसे सदर अस्पताल पहुंचाया.

सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद बताया कि अत्यधिक गर्मी और उमस के कारण उसकी तबीयत बिगड़ी है. समय पर उपचार मिलने से उसकी हालत में सुधार हुआ है और फिलहाल वह खतरे से बाहर है.

चिकित्सकों ने गर्मी के मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देने की सलाह दी है. वहीं बाल सुधार गृह प्रशासन भी बंदी के स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है.

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Published by: Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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