Jamui Hospital Crisis: जमुई से अर्जुन अरनव की रिपोर्ट. भीषण गर्मी के बीच जमुई सदर अस्पताल की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर सामने आयी है. गुरुवार को अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष, प्रसव वार्ड और कई अन्य हिस्सों में रातभर पानी की आपूर्ति ठप रहने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. हालात इतने खराब हो गये कि प्रसूता महिलाओं को शौचालय इस्तेमाल करने में भी दिक्कतें हुईं. अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकते नजर आये.
रातभर पानी के लिए भटकते रहे लोग
जानकारी के अनुसार पिछले दो दिनों से अस्पताल के कई हिस्सों में पानी की आपूर्ति प्रभावित थी. भीषण गर्मी और उमस के बीच पानी नहीं रहने से मरीजों की परेशानी कई गुना बढ़ गयी.
इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों के परिजन पूरी रात पानी की तलाश में अस्पताल परिसर में भटकते रहे. वहीं प्रसव कक्ष में भर्ती महिलाओं को सबसे अधिक दिक्कत झेलनी पड़ी. परिजनों ने बताया कि पीने के पानी के अलावा शौचालय, सफाई और मरीजों की देखभाल तक प्रभावित हो गयी थी.
मजबूरी में कई लोगों को बाहर से बोतलबंद पानी खरीदकर लाना पड़ा. लोगों का कहना था कि सरकारी अस्पताल में इलाज कराने आये गरीब मरीजों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं.
सुबह फूटा लोगों का गुस्सा
गुरुवार सुबह तक जब समस्या जस की तस बनी रही तो मरीजों के परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा. लोगों ने अस्पताल परिसर में हंगामा करते हुए तत्काल पानी की व्यवस्था करने की मांग की.
हंगामे के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और पानी की आपूर्ति बहाल करायी गयी. इसके बाद मरीजों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली.
अस्पताल प्रबंधन ने बतायी तकनीकी खराबी
स्थानीय लोगों का कहना है कि सदर अस्पताल में पहले भी पेयजल और साफ-सफाई को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है. भीषण गर्मी में पानी जैसी मूलभूत सुविधा का ठप होना अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है.
इस मामले में अस्पताल प्रबंधक रमेश कुमार पांडेय ने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण पानी की आपूर्ति बाधित हुई थी. उन्होंने कहा कि समस्या को दुरुस्त किया जा रहा है और जल्द स्थायी समाधान किया जाएगा.
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