जमुई. बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन की जिला कमेटी की बैठक रविवार को जय हिंद धर्मशाला परिसर में आयोजित हुई. बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अनीता अंशु ने की. इसमें जिले की सभी परियोजनाओं की अध्यक्ष, सचिव, सेविकाएं और सहायिकाएं शामिल हुईं. बैठक में लंबित मानदेय, पोषाहार व्यवस्था, डिजिटल बाध्यता और संगठन की मजबूती समेत विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई.
पांच माह से मानदेय नहीं मिलने पर जताई नाराजगी
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अनीता अंशु ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था प्रभावित हो रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले पांच माह से मानदेय का भुगतान नहीं होने के कारण सेविका और सहायिकाओं के सामने परिवार का भरण-पोषण और रोजमर्रा का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है.
दो किस्तों में मानदेय भुगतान पर उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि मानदेय को दो किस्तों में देने की प्रस्तावित व्यवस्था से भ्रम और जटिलता बढ़ेगी. इससे यह स्पष्ट नहीं होगा कि कौन-सी राशि राज्य सरकार की है और कौन-सी केंद्र सरकार की, जिससे भुगतान प्रक्रिया और अधिक उलझ सकती है.
पोषाहार व्यवस्था व डिजिटल बाध्यता का किया विरोध
जिलाध्यक्ष ने कहा कि पोषाहार व्यवस्था को एनजीओ के हवाले करने की तैयारी, विभिन्न डिजिटल बाध्यताएं और मोबाइल रिचार्ज का खर्च नहीं मिलने जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं. इन समस्याओं का समाधान केवल संगठित संघर्ष से ही संभव है. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अब तक जो भी अधिकार मिले हैं, वे आंदोलन और संघर्ष के बल पर ही हासिल हुए हैं. जरूरत पड़ने पर आगे भी सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा.
संगठन की मजबूती पर दिया जोर
बैठक को जिला उपाध्यक्ष आशा देवी ने भी संबोधित किया और संगठन की एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया. इस मौके पर जिला सचिव विनीता राय, जिला उपाध्यक्ष पुष्पा कुमारी, जिला उप सचिव आशा देवी, रंजू कुमारी, मीरा कुमारी, चांदनी कुमारी, शमा फातिमा, रीता कुमारी, संगीता कुमारी, कनकलता कुमारी, नंदनी देवी, उमा कुमारी सहित बड़ी संख्या में सेविकाएं और सहायिकाएं मौजूद रहीं.
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