जमुई से पंकज कुमार सिंह की रिपोर्ट: बिहार राज्य आईटीआई कर्मचारी संघ ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है. बीते सोमवार और मंगलवार को राज्य भर के आईटीआई संस्थानों में कर्मचारियों ने अपनी बांह पर काला फीता बांधकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया. महासंघ (गोप गुट) के जिलाध्यक्ष धर्म चंदन रजक ने बताया कि इस विरोध के माध्यम से सरकार और विभाग का ध्यान कर्मचारियों की जायज मांगों की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया गया है.
मंत्री से मिलकर वेतन भुगतान की लगाई गुहार
आंदोलन की शुरुआत से पूर्व संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के मंत्री से मुलाकात की. कर्मचारियों ने मंत्री को अवगत कराया कि पिछले दो माह से उनका वेतन लंबित है, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. संघ ने शीघ्र वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का आग्रह किया.
पदनाम परिवर्तन और पे-लेवल सुधार की मुख्य मांगें
कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार आवाज उठाई. संघ की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- अनुदेशकों का पे-लेवल बढ़ाकर 7 करना.
- अनुदेशक का पदनाम बदलकर ‘प्रशिक्षण अधिकारी’ करना.
- ग्रुप अनुदेशक का पदनाम ‘मुख्य प्रशिक्षण अधिकारी’ करना.
- अनुबंध पर कार्यरत अनुदेशकों की सेवा नियमित करना.
- एलडीसी का पे-लेवल 4 निर्धारित करना.
जमुई के शशि भूषण आर्य को मिली बड़ी जिम्मेदारी
आंदोलन के बीच संघ ने संगठनात्मक फेरबदल करते हुए पुरानी कमेटी को भंग कर दिया है. राज्य सम्मेलन तक के लिए एक तदर्थ कमेटी का गठन किया गया, जिसमें आईटीआई जमुई के ग्रुप अनुदेशक शशि भूषण आर्य को कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किया गया है. इसके अलावा किशोर सहनी को कार्यकारी महासचिव तथा अविनाश कुमार एवं अनुपानंद को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
6-7 जून को पटना में तय होगी भविष्य की रणनीति
संघ ने स्पष्ट किया है कि विभागीय स्तर पर लंबे समय से लंबित इन मांगों के कारण कर्मचारियों में भारी असंतोष है. आगामी 6 और 7 जून को पटना में राज्य सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा. इस सम्मेलन में बिहार के सभी आईटीआई प्रतिनिधि जुटेंगे, जहां भविष्य के बड़े आंदोलन की ठोस रणनीति तैयार की जाएगी.
