घर की छत पर गिरा 11 हजार वोल्ट का हाई टेंशन तार, 3 घंटे बिजली ठप

जमुई जिले के खैरा प्रखंड अंतर्गत सिंगारपुर गांव में रविवार की सुबह एक बेहद भयानक हादसा होते-होते टल गया. यहां आबादी के बीच से गुजर रहा 11 हजार (11 KV) वोल्ट का हाई टेंशन बिजली का तार अचानक टूटकर एक रिहायशी मकान की छत पर जा गिरा. गनीमत यह रही कि उस वक्त घर में मौजूद लोग तार की चपेट में नहीं आए और सभी बाल-बाल बच गए.

घटना के बाद पूरे सिंगारपुर गांव में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल कायम हो गया. ग्रामीणों की सूचना के बाद बिजली विभाग के लाइनमैन और कर्मी मौके पर पहुंचे और सुरक्षा के लिहाज से सबसे पहले बिजली काटी गई. तार टूटने के कारण खैरा क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पिछले करीब तीन घंटे से पूरी तरह ठप रही, जिससे स्थानीय लोगों को उमस भरी गर्मी में भारी परेशानी झेलनी पड़ी. विद्युत कर्मी फिलहाल तार की मरम्मत कर आपूर्ति बहाल करने में जुटे हैं.

रामानंद सिंह के मकान पर गिरा तार, बाल-बाल बचा परिवार

विद्युत सब-स्टेशन से आ रही 11 केवी की यह मुख्य लाइन रविवार सुबह अचानक तेज आवाज के साथ टूट गई:

  • छत पर गिरा तार: टूटकर यह चालू लाइन गांव के निवासी रामानंद सिंह के पक्के मकान की छत पर गिर गई.
  • परिजनों में दहशत: जिस समय यह हादसा हुआ, परिवार के सभी सदस्य घर के अंदर ही मौजूद थे. तार गिरने की आवाज सुनकर सभी लोग डर के मारे घर से बाहर की ओर भागे. किसी भी सदस्य के करंट की चपेट में न आने से एक बड़ी अनहोनी टल गई.

तीन दर्जन से अधिक घरों के ऊपर मंडरा रहा है मौत का खतरा

सिंगारपुर गांव के ग्रामीणों में इस घटना को लेकर बिजली विभाग के खिलाफ गहरा आक्रोश देखा जा रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि गांव के बीचों-बीच करीब तीन दर्जन (36 से अधिक) से ज्यादा ऐसे घर हैं, जिनकी छतों और आंगनों के ठीक ऊपर से यह मौत रूपी 11 हजार वोल्ट की हाई टेंशन लाइन गुजर रही है. मानसून और बरसात के इस मौसम में घरों की दीवारों में सीलन आने से करंट उतरने का खतरा हर समय बना रहता है, जिससे लोग खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं.

पिछले साल इसी तार ने ली थी मजदूर की जान, नहीं जागा प्रशासन

ग्रामीणों ने बिजली विभाग की घोर लापरवाही को उजागर करते हुए पिछले साल हुए एक दर्दनाक हादसे की याद दिलाई:

सिंगारपुर गांव की घनी आबादी के ऊपर से गुजर रही इस 11 हजार वोल्ट की जानलेवा लाइन को स्थानांतरित (दूसरी जगह शिफ्ट) करने की मांग हम वर्षों से बिजली विभाग और जिला प्रशासन से कर रहे हैं. लेकिन अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार करते हैं. पिछले साल ही 25 जुलाई 2025 को इसी गांव में एक मकान के निर्माण कार्य के दौरान छत के ऊपर से गुजर रहे इसी तार की चपेट में आने से लोहरा गांव निवासी मजदूर सुधीर यादव की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई थी. वह गरीब मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालता था. उस मौत के बाद भी विभाग ने सुध नहीं ली और आज फिर यह दूसरा बड़ा हादसा सामने आया है.

ग्रामीणों की जिला प्रशासन से गुहार

घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने जमुई के जिला अधिकारी (DM) और विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता से पुरजोर मांग की है कि आबादी वाले क्षेत्र के ऊपर से गुजर रहे इन नंगे और जर्जर तारों को अविलंब हटाकर गांव से बाहर की ओर शिफ्ट किया जाए. यदि जल्द ही इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो ग्रामीण बिजली कार्यालय का घेराव करने और आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे.


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लेखक के बारे में

गुलशन कश्यप प्रिंट माध्यम में 15 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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