जमुई के अलीगंज में 45 डिग्री तक पहुंचा तापमान, भीषण गर्मी से बाजारों में पसरा सन्नाटा

Heatwave Alert: मई की तपती गर्मी ने अलीगंज में लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. सुबह 10 बजे के बाद ही सड़कें सूनी पड़ जा रही हैं और बाजारों में सन्नाटा छा रहा है. हीट वेव के बीच अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है.

Heatwave Alert: जमुई के अलीगंज प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों भीषण गर्मी और लू ने लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. लगातार बढ़ते तापमान और तपती हवाओं के कारण लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं. इलाके में तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी हीट वेव की स्थिति बने रहने की संभावना जतायी है और लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है.

दोपहर होते ही वीरान हो जा रहे बाजार

अलीगंज बाजार, जहां आम दिनों में लोगों की भीड़ रहती है, अब दोपहर के समय सुनसान नजर आने लगा है. तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं.

सड़कें, चौक-चौराहे और बस स्टैंड दोपहर में लगभग खाली दिखाई दे रहे हैं. सबसे ज्यादा परेशानी दैनिक मजदूरों, रेहड़ी-पटरी दुकानदारों और राहगीरों को हो रही है, जिन्हें काम के लिए तपती धूप में निकलना पड़ रहा है.

ठंडे पेय पदार्थों की बढ़ी मांग

भीषण गर्मी के बीच लोग राहत पाने के लिए ठंडे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं. बाजारों में गन्ने का रस, लस्सी, बेल का शर्बत, नींबू पानी और बोतलबंद पानी की मांग अचानक बढ़ गयी है.

कई जगहों पर लोग सड़क किनारे ठंडे पेय पदार्थ पीकर गर्मी से राहत पाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं. दुकानदारों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में ठंडे पेय पदार्थों की बिक्री में काफी बढ़ोतरी हुई है.

अस्पतालों में बढ़ रहे हीट स्ट्रोक के मरीज

चिकित्सकों के अनुसार तेज गर्मी का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ने लगा है. डॉक्टर राकेश रंजन ने बताया कि अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त और तेज बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है.

उन्होंने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है.

जल संकट ने बढ़ायी मुश्किलें

भीषण गर्मी के बीच अलीगंज प्रखंड की कई पंचायतों में जलस्तर नीचे जाने से पेयजल संकट भी गहराने लगा है. कई गांवों में हैंडपंप और कुएं सूखने की स्थिति में पहुंच गये हैं, जिससे लोगों को पानी के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है.

Also Read: ‘मार देहब गोली’…आंगनबाड़ी केंद्र बना डांस बार, बच्चों की क्लास में रातभर भोजपुरी गानों पर लगे ठुमके

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >