‘चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान शुरू, घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य टीम; 30 नवंबर तक होगी गंभीर बीमारियों की स्क्रीनिंग

बिहार सरकार ने गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान और उपचार के लिए 'जांच एवं उपचार—चिकित्सा आपके द्वार' अभियान शुरू किया है. इस अभियान के तहत, 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच की जाएगी, ताकि गंभीर बीमारियों का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सके.

जमुई : गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान, जांच और उपचार के लिए बिहार सरकार ने बुधवार से राज्यव्यापी ‘जांच एवं उपचार—चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान शुरू किया. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वर्चुअल माध्यम से अभियान का शुभारंभ किया. इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की स्वास्थ्य जांच करेंगी और गंभीर बीमारियों के संभावित मरीजों को आगे के उपचार से जोड़ा जाएगा.

जमुई में अभियान के शुभारंभ को लेकर सदर अस्पताल स्थित सभाकक्ष में कार्यक्रम आयोजित किया गया. जिलाधिकारी नवीन, सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे. सभी ने मुख्यमंत्री के संबोधन और अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से देखा और सुना.

जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार अभियान का किया शुभारंभ के मौके पर मौजूद डीएम, सीएस व अन्य | Prabhat Khabar Network

30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की होगी स्क्रीनिंग

अभियान का मुख्य उद्देश्य गैर-संचारी रोगों की शुरुआती अवस्था में पहचान करना है. इसके तहत स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर विशेष रूप से 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की स्क्रीनिंग करेंगे.

जांच के दौरान उच्च रक्तचाप, मधुमेह समेत अन्य गैर-संचारी रोगों के संभावित मामलों की पहचान की जाएगी. जांच में किसी तरह की गड़बड़ी या बीमारी के लक्षण मिलने पर संबंधित व्यक्ति को आगे की जांच और उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र से जोड़ा जाएगा.

इन बीमारियों की होगी जांच

स्वास्थ्य टीमों द्वारा अभियान के दौरान डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, मुख कैंसर, स्तन कैंसर, गर्भाशय ग्रीवा कैंसर, हृदय रोग, सीओपीडी और फैटी लिवर समेत अन्य गैर-संचारी रोगों की जांच की जाएगी.

30 नवंबर 2026 तक चलेगा अभियान

सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि यह विशेष अभियान 2 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक चलेगा. इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लोगों तक पहुंचेंगी. जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर भी अभियान से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जाएंगी.

उन्होंने कहा कि गैर-संचारी रोगों का शुरुआती चरण में पता चलने से समय पर इलाज शुरू किया जा सकता है और गंभीर जटिलताओं को काफी हद तक रोका जा सकता है. इसलिए घर-घर स्क्रीनिंग पर विशेष जोर दिया जा रहा है.

‘अस्पताल ही नहीं, घर तक पहुंचे स्वास्थ्य सेवा’

सिविल सर्जन ने कहा कि स्वस्थ समाज के लिए केवल अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है. बीमारी की पहचान शुरुआती चरण में होना भी जरूरी है. ‘चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान इसी उद्देश्य से लोगों के घर तक जांच और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है.

जागरूकता रथ भी करेंगे लोगों को जागरूक

डीएम नवीन ने बताया कि अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए राज्य के सभी जिलों के लिए जागरूकता रथ रवाना किये गये हैं. ये रथ ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में जाकर लोगों को गैर-संचारी रोगों से बचाव, समय पर जांच और उपचार के प्रति जागरूक करेंगे.

प्रशासन की कोशिश है कि अधिक से अधिक लोग इस अभियान का लाभ उठाएं और बीमारी के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें.

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By Prabhat khabar news desk

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