गिद्धौर जमुई से कुमार सौरभ की रिपोर्ट: जमुई जिले के गिद्धौर स्थित दिग्विजय सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर अपनी बदहाल व्यवस्था को लेकर चर्चा में है. शनिवार को अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मरीजों को उस समय भारी फजीहत झेलनी पड़ी जब डॉक्टर ने तो समय पर मरीजों की जांच शुरू कर दी, लेकिन दवा वितरण काउंटर सुबह 9:40 बजे तक बंद रहा. इस लापरवाही के कारण अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके परिजनों की भारी भीड़ जमा हो गई.
जांच के बाद दवा के लिए घंटों भटके मरीज
शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे पर्ची काउंटर खुलने के बाद ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने तत्परता दिखाते हुए ओपीडी में मरीजों को देखना शुरू कर दिया था. हालांकि, अस्पताल प्रशासन की लापरवाही तब सामने आई जब दवा काउंटर सवा घंटे से अधिक समय तक बंद रहा. ग्रामीण इलाकों से आए बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को लेकर पहुंचे परिजनों को कतार में खड़े होकर काउंटर खुलने का इंतजार करना पड़ा. जांच कराकर निकले मरीज हाथ में पर्चा लेकर दवा के लिए भटकते नजर आए.
रोज का बहाना और मरीजों पर आर्थिक बोझ
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि दवा काउंटर का देरी से खुलना यहां की रोज की समस्या बन गई है. समय पर दवा नहीं मिलने के कारण कई गरीब मरीजों को विवश होकर बाहर की निजी दुकानों से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ती हैं. जब इस संबंध में दवा वितरण कर्मी दीपाली कुमारी और अजय कुमार सिंह से पूछा गया, तो उन्होंने बाइक खराब होने और अस्वस्थता का बहाना बनाया. हालांकि, मरीजों का कहना है कि यह कर्मियों की मनमानी है और वे अक्सर इसी तरह की बहानेबाजी करते हैं.
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने दिए जांच के आदेश
स्वास्थ्य केंद्र में व्याप्त इस अव्यवस्था पर संज्ञान लेते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नरोत्तम कुमार सिंह ने कहा कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों का मामला उनके संज्ञान में आया है. उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि मरीजों को समय पर सुलभ स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना अस्पताल की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. फिलहाल, अस्पताल की इस स्थिति से सरकार के बेहतर स्वास्थ्य सेवा के दावों पर सवालिया निशान लग रहे हैं.
