बरहट. भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के अधीन विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) सेवा केंद्र जमुई द्वारा प्रखंड क्षेत्र के मलयपुर स्थित जगन्नाथ चतुर्वेदी स्मारक भवन में सोमवार से 25 दिवसीय गुरु-शिष्य हस्तशिल्प प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन प्रखंड प्रमुख रूबेन कुमार सिंह, सीटीओ अमित कुमार मिश्रा, केवाईपी निदेशक राहुल रंजन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. प्रमुख रूबेन कुमार सिंह ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार शिल्पकारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार उद्योगोन्मुख योजनाएं चला रही है. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को प्रतिदिन 300 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जिससे प्रशिक्षण के साथ-साथ आर्थिक सहयोग भी मिल सकेगा. सीटीओ अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक हस्तकौशल को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है, ताकि बाजार की मांग के अनुरूप नए डिजाइन और प्रोटोटाइप तैयार किए जा सकें. उन्होंने कहा कि शिल्पियों को उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग एवं बड़े शहरों में बिक्री की रणनीतियों की भी जानकारी दी जाएगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि संभव हो सके. केवाईपी निदेशक रोहित रंजन ने बताया कि प्रशिक्षण आगामी 26 मार्च तक चलाया जायेगा. 25 दिवसीय इस कार्यशाला में 30 प्रशिक्षु प्रतिदिन छह घंटे प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे. बायोमेट्रिक प्रणाली के माध्यम से 80 प्रतिशत उपस्थिति पूरी करने वाले प्रशिक्षुओं को प्रतिदिन मानदेय भी दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बांस शिल्प से जुड़े कलाकारों के कौशल को उन्नत बनाना है, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो और बांस से बने उत्पादों को बाजार में नई पहचान मिल सके. प्रशिक्षण के दौरान शिल्पकारों को डिजाइन नवाचार, तकनीकी सशक्तिकरण और बाजार में प्रतिस्पर्धा से जुड़ी बारीकियों की जानकारी दी जाएगी. सूप, दौरा और डाला जैसे पारंपरिक उत्पादों के निर्माण में अधिक समय लगता है तथा लाभ सीमित रहता है, जबकि हस्तशिल्प से बने सजावटी उत्पाद कम लागत में बेहतर मुनाफा देते हैं. देश-विदेश में इन उत्पादों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए उत्पादन क्षमता विकसित की जा रही है. कार्यक्रम का संचालन महावीर हैंडीक्राफ्ट्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है. प्रशिक्षण से क्षेत्र के शिल्पकारों को हुनर निखारने के साथ स्वरोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद जतायी जा रही है.
गुरु-शिष्य हस्तशिल्प प्रशिक्षण शुरू, शिल्पकारों को मिलेगा नया अवसर
जगन्नाथ चतुर्वेदी स्मारक भवन में सोमवार से 25 दिवसीय गुरु-शिष्य हस्तशिल्प प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया.
