विभाग ने नववर्ष में सीओ-आरओ व राजस्व कर्मचारी को जारी किये निर्देश, दो चरणों में होगा क्रियान्वयन जमुई. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग बिहार सरकार के सचिव गोपाल मीणा ने सभी अंचल अधिकारियों, राजस्व अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों को निर्देश जारी कर जमाबंदी के बकेट क्लेम एवं सत्यापन कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है. जमुई जिले में भी इस आदेश का असर देखने की प्रबल संभावना दिख रही है. खबर है कि इस परियोजना की निगरानी भारत सरकार स्तर पर भी की जा रही है. विभागीय आंकड़े के मुताबिक, वर्तमान में कृषि विभाग द्वारा ई-केवाईसी का स्तर 31 प्रतिशत है, जबकि राजस्व विभाग द्वारा जमाबंदी सत्यापन मात्र 4.8 प्रतिशत है. इस अंतर को पाटने के लिए कार्य में गति लाना अनिवार्य है. फार्मर रजिस्ट्री के कार्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए दो चरणों में समय-सारणी निर्धारित की गयी है. प्रथम चरण 06 जनवरी 2026 से 09 जनवरी 2026 तक जबकि द्वितीय चरण 18 जनवरी 2026 से 21 जनवरी 2026 तक रखी गयी है. जमुई कृषि विभाग से जुड़े कर्मियों की माने तो इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों का एक सटीक डेटाबेस तैयार करना है ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से उन तक पहुंचा सके.
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