जमुई नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत किऊल नदी स्थित स्व. त्रिपुरारी सिंह स्मारक घाट के समीप सोमवार की सुबह एक हृदयविदारक हादसा हो गया. सावन माह की अंतिम सोमवारी के पावन अवसर पर भगवान शिव के जलाभिषेक से पूर्व नदी में स्नान करने पहुंचे एक ही परिवार के तीन सदस्य—मां, बेटा और बेटी—अचानक गहरे पानी में डूबने लगे. स्थानीय लोगों की सूझबूझ और तत्परता से मां और 10 वर्षीय बेटे को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन 13 वर्षीय बेटी की गहरे पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई. इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया है.
स्नान के दौरान अचानक गहरे पानी में समा गए तीनों
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों से प्राप्त जानकारी के अनुसार:
- स्नान के लिए पहुंचे थे घाट: सावन की अंतिम सोमवारी को लेकर सुबह से ही किऊल नदी के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुट रही थी. इसी दौरान सौनपे निवासी सुधीर सिंह की 13 वर्षीय पुत्री रिया कुमारी अपनी मां और छोटे भाई सिद्धार्थ (10 वर्ष) के साथ त्रिपुरारी सिंह स्मारक घाट पर स्नान करने पहुंची थी.
- अचानक हुआ हादसा: स्नान करते वक्त पैर फिसलने अथवा तेज धार के कारण तीनों अचानक गहरे पानी की ओर चले गए और देखते ही देखते डूबने लगे.
- स्थानीय लोगों ने बचाई दो जानें: एक साथ तीन लोगों को डूबता देख घाट पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया और तुरंत नदी में छलांग लगा दी. स्थानीय तैराकों ने कड़ी मशक्कत के बाद रिया की मां और छोटे भाई सिद्धार्थ को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन रिया गहरे पानी में चली गई जिससे उसकी जान नहीं बचाई जा सकी.
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, पसरा मातम
मृतका की पहचान सौनपे गांव निवासी सुधीर सिंह की 13 वर्षीय पुत्री रिया कुमारी के रूप में हुई है:
- मातम में बदली खुशियां: अंतिम सोमवारी के जिस पावन पर्व पर परिवार में भक्ति और उत्सव का माहौल था, वहां बेटी की मौत की खबर पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई.
- रोते-बिलखते परिजन: घाट पर ही मां और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. बच्ची की असामयिक मौत से पूरा गांव स्तब्ध और शोकाकुल है.
नदी घाटों पर सुरक्षा प्रबंधों को लेकर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों ने नदी घाटों पर प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता जताई है:
- सुरक्षा घेरे की मांग: स्थानीय लोगों का कहना है कि सावन और प्रमुख स्नान पर्वों पर किऊल नदी के घाटों पर लाल झंडे (खतरे का निशान) और बैरिकेडिंग जैसे सुरक्षात्मक उपाय होने चाहिए.
- सतर्कता की अपील: लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि संवेदनशील घाटों पर गोताखोरों व एसडीआरएफ की तैनाती की जाए, ताकि गहरे पानी में जाने से होने वाले हादसों को रोका जा सके. साथ ही श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे बच्चों को लेकर गहरे पानी में जाने से बचें.
