गिद्धौर में पंचायत परिसीमन का डिजिटल खाका तैयार, 145 एन्यूमरेशन ब्लॉक की जियो टैगिंग में जुटे 70 से अधिक कर्मी

गिद्धौर प्रखंड में पंचायत परिसीमन की तस्वीर अब डिजिटल हो रही है, जिसमें 145 एन्यूमरेशन ब्लॉक की जियो टैगिंग का 72.41% काम पूरा हो चुका है. यह पहल जनगणना की सटीकता और भविष्य की विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है.

Gidhaur Panchayat Delimitation: जमुई गिद्धौर प्रखंड में पंचायत परिसीमन की तस्वीर अब धीरे-धीरे डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज होने लगी है. जनगणना 2011 के आंकड़ों के आधार पर प्रखंड में एन्यूमरेशन ब्लॉक की जियो टैगिंग का काम युद्धस्तर पर चल रहा है. प्रशासन की यह तैयारी इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि जनगणना के दौरान किसी भी क्षेत्र के छूट जाने या रिकॉर्ड में गड़बड़ी की संभावना को कम करने के लिए हर क्षेत्र की स्पष्ट पहचान जरूरी है.

प्रखंड मुख्यालय में जनगणना से जुड़े 145 एन्यूमरेशन ब्लॉक का पंचायत परिसीमन के लिए जियो टैगिंग कार्य कराया जा रहा है. इसके लिए विभिन्न विभागों के 70 से अधिक कर्मियों को फील्ड में उतारा गया है. प्रत्येक एन्यूमरेशन ब्लॉक में गणना से जुड़े नौ बिंदुओं पर परिसीमन का काम किया जा रहा है.

प्रशासन का लक्ष्य निर्धारित समय में यह काम पूरा करना है, ताकि आगे की जनगणना प्रक्रिया अधिक सटीक और व्यवस्थित तरीके से पूरी हो सके.

आखिर क्यों जरूरी है एन्यूमरेशन ब्लॉक की जियो टैगिंग?

जनगणना जैसे बड़े राष्ट्रीय कार्य में सबसे अहम बात यह होती है कि कोई इलाका, घर या आबादी गणना से बाहर न रह जाए. इसके लिए पूरे क्षेत्र को छोटे-छोटे एन्यूमरेशन ब्लॉक में बांटकर उसकी पहचान और सीमाओं को दर्ज किया जाता है.

गिद्धौर में इसी प्रक्रिया के तहत 145 एन्यूमरेशन ब्लॉक की जियो टैगिंग की जा रही है. प्रत्येक ब्लॉक में नौ बिंदुओं पर परिसीमन से जुड़ा काम किया जा रहा है. फील्ड में जाकर कर्मचारी इन क्षेत्रों की स्थिति को दर्ज कर रहे हैं.

इसका सीधा फायदा यह होगा कि आगे जनगणना के दौरान संबंधित क्षेत्र की पहचान और कवरेज को लेकर भ्रम की स्थिति कम होगी. प्रशासन के लिए भी यह पता रखना आसान होगा कि किस क्षेत्र में गणना का काम पूरा किया जाना है.

70 से अधिक कर्मचारी मैदान में, 72.41% काम पूरा

गिद्धौर में इस काम को तेजी से पूरा करने के लिए 70 से अधिक कर्मियों की टीम लगायी गयी है. मुख्यालय के विभिन्न विभागों के कर्मचारी फील्ड में जाकर जियो टैगिंग और परिसीमन से जुड़े कार्य को पूरा कर रहे हैं.

प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनील कुमार के अनुसार, गिद्धौर प्रखंड में 145 ई-एन्यूमरेशन ब्लॉक की जियो टैगिंग करायी जा रही है. इसके लिए 70 से अधिक कर्मियों की टीम बनायी गयी है और सभी कर्मी नौ बिंदुओं पर गंभीरता से काम कर रहे हैं.

बीडीओ ने बताया कि अब तक 72.41 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. शेष काम को भी जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

यानी काम का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है, लेकिन अभी कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां फील्ड स्तर पर परिसीमन और जियो टैगिंग का कार्य बाकी है.

डिजिटल रिकॉर्ड से आगे की योजनाओं को भी मिलेगी मदद

गिद्धौर में हो रही जियो टैगिंग को सिर्फ जनगणना की तैयारी तक सीमित नहीं माना जा रहा है. प्रशासन के अनुसार, इससे जनगणना का काम अधिक सटीक और डिजिटल तरीके से करने में मदद मिलेगी.

जनसंख्या और क्षेत्र से जुड़े आंकड़े किसी भी इलाके के विकास की योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. जब किसी क्षेत्र की आबादी, भौगोलिक स्थिति और सीमा का रिकॉर्ड स्पष्ट होता है, तो भविष्य में योजनाओं की जरूरत और उनकी पहुंच को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिल सकती है.

बीडीओ सुनील कुमार ने बताया कि जियो टैगिंग से जनगणना कार्य सटीक और डिजिटल होगा. इससे भविष्य की योजनाओं को बनाने में सरकार को मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि निर्धारित समय में काम पूरा कर लिया जाएगा.

गांव-टोले तक पहुंच रहे कर्मचारी, ताकि कोई क्षेत्र न छूटे

इस पूरी प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा फील्ड में काम कर रहे कर्मचारी हैं. शिक्षक बटेश्वर राम, प्रदीप प्रभाकर, आवास सहायक रिंकू कुमारी, बिनीता कुमारी समेत दर्जनों कर्मी इस कार्य में जुटे हुए हैं.

कर्मियों को अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर एन्यूमरेशन ब्लॉक से जुड़े निर्धारित बिंदुओं की जानकारी दर्ज करनी है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परिसीमन के दौरान कोई क्षेत्र छूट न जाए.

ग्रामीण इलाकों में गांव और टोले कई बार भौगोलिक रूप से एक-दूसरे से जुड़े होते हैं. ऐसे में फील्ड स्तर पर सही पहचान और रिकॉर्डिंग जनगणना प्रक्रिया की सटीकता के लिए महत्वपूर्ण हो जाती है.

Gidhaur Panchayat Delimitation: अब बाकी 27.59% काम पूरा करना चुनौती

गिद्धौर में 72.41 प्रतिशत जियो टैगिंग का काम पूरा होने के बाद अब प्रशासन के सामने शेष 27.59 प्रतिशत काम को निर्धारित समय में पूरा करने की चुनौती है. बीडीओ ने भरोसा जताया है कि बाकी काम भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा.

आगे की प्रक्रिया में जियो टैगिंग और परिसीमन से तैयार रिकॉर्ड जनगणना की तैयारियों के लिए आधार बनेगा. प्रशासन की कोशिश है कि फील्ड स्तर पर सभी क्षेत्रों की पहचान स्पष्ट हो और गणना के समय किसी भी इलाके के छूटने की गुंजाइश कम से कम रहे.

फिलहाल गिद्धौर प्रखंड में 145 एन्यूमरेशन ब्लॉक को लेकर चल रहा यह काम तेजी से आगे बढ़ रहा है और 70 से अधिक कर्मी इसे पूरा करने में जुटे हैं. आने वाले दिनों में शेष कार्य पूरा होने के बाद जनगणना से जुड़ी तैयारियां और स्पष्ट रूप ले सकेंगी.

Also Read: बिहार में बाढ़ से 20 लोगों की मौत, 12 जिलों में हाई अलर्ट, कहीं टूटे बांध तो कहीं पुल, कोसी-सीमांचल में बढ़ रहा खतरा

Also Read: बिहार में जंतर-मंतर जैसा नजारा, पटना के जेपी गोलंबर पर जुटे प्रदर्शनकारी, फ्रेजर रोड जाने वाली सड़क बंद, भारी पुलिस बल तैनात

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By कुमार सौरभ

कुमार सौरभ प्रिंट माध्यम में 15 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. गिद्धौर (जमुई) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >