ट्रेन के आगे कूदे पांच लोग, फरीदाबाद में जमुई निवासी युवक ने अपने चार बच्चों के साथ की आत्महत्या

Jamui News: जमुई निवासी एक युवक ने हरियाणा के फरीदाबाद में अपने चार बच्चों के साथ आत्महत्या कर ली. एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत की घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गयी. घटना बल्लभगढ़ क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां एक पिता ने अपने चार मासूम बच्चों के साथ ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी. इस घटना ने हाल ही में पंचकूला में हुई घटना की यादें ताजा कर दी.

Jamui News: लखीसराय और जमुई जिले की सीमा पर अवस्थित मंझवे गांव निवासी मनोज महतो (45 वर्ष) ने अपने चार छोटे बच्चों के साथ ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली. मनोज महतो का ससुराल बड़हिया नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या दो तारतर मुहल्ला में है. मनोज अपनी पत्नी प्रीति कुमारी व चारों बच्चों गोलू, कारू, छोटू और छोटका के साथ हरियाणा के बल्लभगढ़ की सुभाष कॉलोनी में किराये के मकान में रहकर मजदूरी करता था.

परिजनों ने क्या कारण बताया

घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर जीआरपी पहुंची और शवों को ट्रैक से हटाया. बाद में पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया. हालांकि अभी तक घटना के कारणों का ठीक से पता नहीं चल पाया है. परिजनों के मुताबिक आर्थिक संकट व पत्नी पर शक के बाद पारिवारिक झंझट से युवक मानसिक रूप से परेशान था. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है और आत्महत्या के पीछे के कारण जानने के लिए परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ कर रही है.

पत्नी से मारपीट करता था…

घटना बल्लभगढ़ रेलवे स्टेशन के पास की है. मृतक बच्चों की उम्र 4 से 7 साल के बीच बतायी जा रही है. घटना को लेकर प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सभी लोग रेलवे ट्रैक पर खड़े हुए थे और सामने से आ रही ट्रेन के आगे कूद गये. मौके पर ही सभी लोगों की मौत हो गयी. इधर, मौत की सूचना के बाद गांव में परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है. घर वालों का कहना है कि उसकी पत्नी परेशान करती थी, वहीं पत्नी के मायके वालों का कहना है कि वह पत्नी से मारपीट करता था.

पंचकूला में एक परिवार के सात लोगों ने दी जान

पिछले दिनों पंचकूला में एक ही पिवार के सात लोगों ने सामूहिक आत्महत्या कर ली थी. मृतकों में प्रवीण मित्तल, उनकी पत्नी रीना, उनके तीन बच्चे और प्रवीण के माता-पिता शामिल थे. वहीं पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, परिवार ने जहर खाकर आत्महत्या की थी. मौके से दो सुसाइड नोट बरामद हुए, जिनमें प्रवीण मित्तल ने कर्ज और आर्थिक तंगी को आत्महत्या का कारण बताया. परिवार मूल रूप से हिसार के बरवाला का रहने वाला था, लेकिन पिछले 12 साल से पंचकूला में रह रहा था.

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आत्महत्या से पहले बच्चों को कोल्ड ड्रिंक और चिप्स खिलाये

मंझवे गांव निवासी मनोज महतो (45 वर्ष) का परिवार आर्थिक तंगी और तनाव में जी रहा था. पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मनोज अपनी पत्नी के चरित्र को लेकर शक करता था. इससे सुबह दोनों के बीच विवाद हुआ था. दूसरी ओर वह आर्थिक रूप से परेशान भी था. इसके कारण वह ठीक से परिवार का भरण-पोषण नहीं कर पा रहा है. विवाद के बाद मनोज ने बच्चों को पार्क घुमाने के लिए बहाना बनाया और घर से बाहर निकला.

दोपहर के समय वह दिल्ली की ओर जा रही तेज रफ्तार ट्रेन के सामने कूद गया. ट्रेन की आवाज सुनते ही बच्चे बचने की कोशिश करने लगे, लेकिन मनोज ने उन्हें अपनी बांहों में कसकर पकड़ लिया था. इससे वे भी ट्रेन की चपेट में आ गये. इस घटना ने आसपास के लोगों को सदमे में डाल दिया. मृतक के ननिहाल बड़हिया में जब घटना की खबर पहुंची तो परिवार वाले बुरी तरह टूट गये.

ससुराल वालों ने बताया कि मनोज और प्रीति के बीच अक्सर विवाद हुआ करता था और वह पत्नी के साथ मारपीट भी करता था.जानकारी के अनुसार मनोज परिवार के साथ करीब सात दिन पहले बल्लभगढ़ आया था, जहां मजदूरी करता था. आर्थिक दबाव, पारिवारिक तनाव और मनोज की मानसिक स्थिति को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और इस दुखद घटना की वजहों का पता लगाने में जुटी है.

परिजनों के मुताबिक मनोज ने आत्महत्या से पहले बच्चों को कोल्ड ड्रिंक और चिप्स भी खिलाये थे, ताकि वे खुश रहें. लोगों का कहना है कि अगर समय रहते किसी ने ध्यान दिया होता, तो यह परिवार इस कदर टूटता नहीं. हरियाणा पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है. बड़हिया में मृतक के ससुराल में मातमी माहौल है. परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है.

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लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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