किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व व इसकी आवश्यकता पर दी जानकारी

सदर प्रखंड के कुंदरी-सनकुरहा पंचायत अंतर्गत खडसारी गांव में शनिवार को राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

प्राकृतिक खेती पर एक दिवसीय प्रशिक्षण में सैकड़ों किसान हुए शामिल

जमुई. सदर प्रखंड के कुंदरी-सनकुरहा पंचायत अंतर्गत खडसारी गांव में शनिवार को राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कलस्टर में चयनित किसानों को प्राकृतिक खेती के वैज्ञानिक और व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी देने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया. प्रशिक्षण में जिला कृषि पदाधिकारी ब्रजेश कुमार, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक, कृषि समन्वयक पंकज कुमार, मधुकर कुमार, अभिषेक कुमार एवं किसान सलाहकार मुकुल कुमार सहित कृषि विभाग के कई वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे. कार्यक्रम में खडसारी एवं आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों किसान शामिल हुए.

अधिकारियों ने किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व, फायदों और इसकी बढ़ती आवश्यकता पर विस्तृत जानकारी दी. वरीय अधिकारियों द्वारा गो-आधारित जैविक पद्धतियों, प्राकृतिक खाद, जीवामृत, घनजीवामृत एवं अन्य तकनीकों पर विशेष चर्चा की गयी. उन्होंने किसानों को रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने तथा वर्मी कंपोस्ट निर्माण और पशुपालन को बढ़ावा देने की सलाह दी. अधिकारियों ने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल भूमि की उर्वरता बढ़ाती है, बल्कि फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन लागत को भी बेहतर बनाती है. प्रशिक्षण के अंत में किसानों ने अधिकारियों से विभिन्न तकनीकी सवाल पूछे और प्राकृतिक खेती अपनाने की दिशा में कदम बढ़ाने का संकल्प लिया.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

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