जमुई. विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शनिवार को सदर अस्पताल परिसर में परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा का विधिवत शुभारंभ किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार सिंह द्वारा फीता काट कर किया गया. इस दौरान उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन केवल जनसंख्या नियंत्रण का माध्यम नहीं, बल्कि महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य, बच्चों के समुचित पोषण और परिवार की आर्थिक समृद्धि का मजबूत आधार है.
नियोजन की जिम्मेवारी सिर्फ महिलाओं की नहीं
सिविल सर्जन ने कहा कि परिवार नियोजन की जिम्मेदारी केवल महिलाओं की नहीं, बल्कि पुरुषों की भी समान भागीदारी जरूरी है. पति-पत्नी दोनों के जागरूक और सहयोगी होने से ही स्वस्थ, खुशहाल और संतुलित परिवार का निर्माण संभव है. उन्होंने लोगों से परिवार नियोजन सेवाओं का लाभ उठाने और समाज में जागरूकता फैलाने की अपील की. 800 महिला बंध्याकरण और
10 पुरुष नसबंदी का लक्ष्य
जिले में ईएलए के तहत व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है. परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा के दौरान जिले के सभी 10 प्रखंडों एवं सदर अस्पताल में कुल 800 महिला बंध्याकरण और 10 पुरुष नसबंदी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके लिए सदर अस्पताल सहित सभी प्रखंडों में फिक्स्ड डे सर्विस आयोजित की जाएगी. इसके अलावा पीपीआईयूसीडी, आईयूसीडी, अंतरा इंजेक्शन सहित विभिन्न आधुनिक गर्भनिरोधक सेवाओं के भी लक्ष्य तय किए गए हैं. आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से छाया गोली, माला-एन, आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली और निरोध का घर-घर वितरण किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक योग्य दंपतियों तक सेवाएं पहुंच सकें.
जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मिलेगी सेवा
परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा के दौरान जिले के सदर अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र , रेफरल अस्पताल, प्राथमिक एवं अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर तथा आरोग्य दिवस स्थलों पर सभी सेवाएं उपलब्ध रहेंगी.
इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
कार्यक्रम में अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अरविंद कुमार, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ थनिश कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक पवन कुमार, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक रविराज रंजन, जिला डाटा सहायक विनय कुमार, अस्पताल प्रबंधक रमेश पांडेय, जिला सलाहकार गुणवत्ता डॉ ताबिश हेयात, पिरामल स्वास्थ्य के प्रतिनिधियों सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे.
